
देहरादून: उत्तराखंड दौरे पर आए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने खंडूरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके साथ आत्मीय बातचीत की। मुलाकात के दौरान संसद में साथ काम करने के दिनों की स्मृतियां ताजा हुईं और देश के बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसलों पर चर्चा हुई, जिनका असर आज भी कई राज्यों के विकास में दिखाई देता है।
पुरानी संसदीय यादें हुईं ताजा
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने लोकसभा सदस्य के रूप में बी.सी. खंडूरी के साथ बिताए दिनों को याद किया। उन्होंने एक विशेष प्रसंग साझा करते हुए बताया कि सांसद रहते हुए उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री खंडूरी से तमिलनाडु की कुछ महत्वपूर्ण राज्य सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने का अनुरोध किया था, जिसे खंडूरी ने तत्परता से स्वीकार कर लिया था।
दूरदर्शी निर्णयों का असर
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सड़कों के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास ने तमिलनाडु के औद्योगिक परिदृश्य को नया आयाम दिया। उन्होंने विशेष रूप से कोयंबटूर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी ने इस क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपराष्ट्रपति ने इन फैसलों के लिए खंडूरी की दूरदर्शिता और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की।
सेना से सार्वजनिक जीवन तक बीसी खंडूरी का सफर
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी भारतीय सेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी रहे हैं। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक देश की सेवा की और उनकी असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया और उत्तराखंड के विकास व प्रशासन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
सड़क बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक योगदान
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में खंडूरी ने पहले स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और बाद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम जैसी योजनाओं को गति मिली, जिससे देश की सड़क कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा मिली।
आगे क्या रहा खास
यह मुलाकात राजनीतिक औपचारिकता से आगे बढ़कर अनुभवों, स्मृतियों और विकास से जुड़े विचारों के आदान-प्रदान का अवसर बनी, जिसे दोनों नेताओं ने आत्मीय वातावरण में साझा किया।






