
अगस्त्यमुनि: रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में मुनि महाराज की दिवारा यात्रा के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को स्थिति और स्पष्ट होती नजर आई। अगस्त्य ऋषि मंदिर समिति का शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात के लिए पहुंचा, जहां मुख्यालय के गुलाबराय स्थित एक होटल में डीएम और समिति के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान समेत करीब 30 लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। इससे स्थानीय स्तर पर असंतोष भी देखने को मिला।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीते बृहस्पतिवार को मुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद जिलाधिकारी के निर्देशों पर पुलिस ने देर सायं 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद से ही मामला चर्चा में है और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
शुक्रवार को अगस्त्य ऋषि मंदिर समिति के अध्यक्ष समेत 11 लोग रुद्रप्रयाग पहुंचे और जिलाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा। जिलाधिकारी ने भी समिति को प्रशासनिक दृष्टिकोण से कई बिंदुओं पर जानकारी दी।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान के नेतृत्व में करीब 30 लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन जिलाधिकारी क्षेत्र भ्रमण पर होने के कारण उनसे भेंट नहीं हो सकी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान ने कहा कि पंचकोटी गांव के लोगों को जिलाधिकारी ने मुख्य बाजार के गुलाबराय स्थित एक होटल में मिलने के लिए बुलाया, जबकि उनके साथ आए अन्य लोग कलेक्ट्रेट में डीएम का इंतजार करते रहे। लंबे इंतजार के बाद लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी पक्षों से एक साथ संवाद होना चाहिए था, ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
डोली यात्रा की स्थिति
घटनाक्रम के बाद बीते बृहस्पतिवार को गोल गेट तोड़ने के पश्चात मुनि महाराज की डोली खेल मैदान अगस्त्यमुनि स्थित गद्दीस्थल में भोग चढ़ाने के बाद शाम करीब छह बजे अगस्त्य मंदिर के लिए रवाना हुई।
शुक्रवार सुबह डोली ने मंदिर से प्रस्थान कर नाकोट और बसंत बिहार क्षेत्र का भ्रमण किया और भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। डोली यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं।
धार्मिक महत्व
प्रसिद्ध अगस्त्य मंदिर में विराजमान मुनि महाराज की डोली 15 वर्षों बाद दिवारा यात्रा पर निकली है। मुनि महाराज केदारघाटी के 364 गांवों के आराध्य देव माने जाते हैं और इस यात्रा को क्षेत्र में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।
संख्या / तथ्य
देवरा यात्रा के घटनाक्रम में 52 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। डोली यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। मुनि महाराज की डोली 15 वर्ष बाद दिवारा यात्रा पर निकली है।
आगे क्या होगा
प्रशासन और मंदिर समिति के बीच हुई वार्ता के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी, वहीं स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन सभी पक्षों से संवाद कर स्थिति को संतुलित बनाएगा।







