
बापूग्राम (ऋषिकेश): बापूग्राम में अपनी जमीन और मकान बचाने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। भूमियाल देवता के समीप आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ एकजुटता दिखाई। वन भूमि प्रकरण से जुड़ी अनिश्चितता, नए बिजली-पानी कनेक्शन बंद होने और सीवर कार्य रुकने से प्रभावित परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है। जनसभा में पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों की लड़ाई में पार्टी साथ खड़ी रहेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बापूग्राम क्षेत्र में वन भूमि से जुड़े मामलों के कारण लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं पर रोक से घरों तक पहुंच के रास्ते तक बाधित हो गए हैं। वक्ताओं ने चेताया कि यदि सरकार ने यहां सकारात्मक पहल नहीं की, तो प्रदेश के अन्य वन क्षेत्रों में भी ऐसी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
आधिकारिक जानकारी
जनसभा में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष राजपाल खरोला ने कहा कि जब तक हर प्रभावित परिवार को जमीन और छत का अधिकार नहीं मिल जाता, कांग्रेस उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आंदोलन को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का समर्थन प्राप्त है।
प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि नए कनेक्शन बंद होने और सीवर कार्य रुकने से आवागमन प्रभावित हुआ है और घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
निवासियों ने मांग की कि प्रभावितों के पुनर्वास और अधिकारों पर तत्काल निर्णय लिया जाए।
आगे की रणनीति
राजपाल खरोला ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए पदयात्रा का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में बापूग्राम से एसडीएम कार्यालय ऋषिकेश तक और दूसरे चरण में ऋषिकेश से देहरादून मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया जाना चाहिए, जिससे सरकार तक बात प्रभावी ढंग से पहुंचे।
उपस्थिति
इस मौके पर रमेश जुगलान, रविंद्र राणा, वीरेंद्र रमोला, सुरेंद्र सिंह नेगी, सचवीर भंडारी, योगेश्वर ध्यानी, राम प्रसाद उनियाल, सुभाष सैनी, अविनाश सेमल्टी, हर्षवर्धन रावत और मुस्कान चौधरी सहित कई स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।







