
हल्द्वानी: उत्तराखंड की चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली जूही चुफाल को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है। कुछ लोगों द्वारा जूही के खिलाफ आपत्तिजनक, व्यक्तिगत और बेबुनियाद टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने इंटरनेट मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है और ट्रोल करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की टिप्पणियां उत्पीड़न की श्रेणी में आती हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नैनीताल जिले के हल्द्वानी की ब्लॉगर ज्योति अधिकारी पर पहाड़ की देवी-देवताओं और महिलाओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। इसी मामले में जूही चुफाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। ज्योति अधिकारी कुछ दिनों तक जेल में रहीं और बीते बुधवार को उनकी रिहाई हुई है।
मौजूदा स्थिति
ज्योति अधिकारी की रिहाई के बाद सोशल मीडिया पर बहस और प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया। जहां एक ओर कुछ लोग जूही चुफाल के समर्थन में सामने आए, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। जूही की पुरानी तस्वीरों, पहनावे और हेयर स्टाइल को लेकर बेतुकी टिप्पणियां की जा रही हैं, जिन्हें लेकर समाज में भी नाराजगी देखी जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस प्रशासन ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर इस पूरे मामले को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, व्यक्तिगत रूप से किसी के खिलाफ अनर्गल या अपमानजनक टिप्पणी करना साइबर उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है और ट्रोलिंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है और इसके लिए किसी को निशाना बनाना गलत है। कुछ सामाजिक संगठनों ने भी इस तरह की ट्रोलिंग को महिलाओं के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आगे क्या होगा
पुलिस प्रशासन का कहना है कि चिन्हित किए गए सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर संयम बरतें और कानून का उल्लंघन न करें।







