
ऋषिकेश: वन विभाग द्वारा की जा रही वन भूमि की नापजोख के विरोध में शनिवार और रविवार को हालात बेकाबू होते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने पहले नेशनल हाईवे को जाम किया और अगले दिन मनसा देवी रेलवे लाइन को बाधित कर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक टीमों पर पथराव भी किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए और हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही थी, लेकिन विरोध के उग्र रूप लेने से कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत ऋषिकेश क्षेत्र में वन विभाग को वन भूमि पर हुए अतिक्रमण की पहचान और उसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें बीते दिनों से सर्वे और नापजोख की कार्रवाई कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं, जिसके चलते इस कार्रवाई को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा था।
क्या हुआ शनिवार और रविवार को
शनिवार को श्यामपुर बाईपास और हरिद्वार बायपास मार्ग पर स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे को करीब ढाई घंटे तक जाम रखा। रविवार को प्रदर्शन और उग्र हो गया, जब लोगों ने मनसा देवी रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों को रोक दिया। इस कारण 6 ट्रेनें देरी से चलीं और हजारों यात्रियों को असुविधा हुई।
दर्ज हुए तीन मुकदमे
पहला मुकदमा
रायवाला में तैनात एसएसआई मनवर सिंह नेगी की तहरीर पर श्यामपुर बाईपास पर हाईवे जाम करने के मामले में 8 लोगों को नामजद किया गया है। इसके साथ ही 218 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
दूसरा मुकदमा
गुमानीवाला क्षेत्र में सर्वे के दौरान वन विभाग की महिला रेंजर से छेड़खानी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
तीसरा मुकदमा
कोतवाली ऋषिकेश के निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट की शिकायत पर मनसा देवी रेलवे फाटक पर बलवा, रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस फोर्स पर पथराव करने के आरोप में 8 नामजद और 8–10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
आधिकारिक जानकारी
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि सभी शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अजय सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद जिला देहरादून और आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर श्यामपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया गया।
लाठीचार्ज को लेकर पुलिस का पक्ष
पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज की कार्रवाई से साफ इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज को लेकर भ्रामक और अफवाहपूर्ण खबरें फैलाई जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाया जा रहा था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा आक्रोशित होकर पथराव किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से बसे परिवारों को अचानक अतिक्रमणकारी बताकर हटाने की कार्रवाई से डर और असमंजस का माहौल बन गया है। वहीं यात्रियों और व्यापारियों ने बताया कि हाईवे और रेलवे लाइन बंद होने से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
आंकड़े / तथ्य
शनिवार और रविवार की घटनाओं में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए हैं।
करीब 6 ट्रेनें प्रभावित रहीं।
हजारों यात्रियों को असुविधा हुई।
200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई है।
आगे क्या होगा
पुलिस प्रशासन का कहना है कि हिंसा और पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन विभाग द्वारा सर्वे की कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत जारी रहेगी। प्रशासन ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने सरकारी वन भूमि को निजी बताकर बेचा है, तो पीड़ित इसकी शिकायत पुलिस से कर सकते हैं।






