
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में भालुओं का आतंक एक बार फिर ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। भटवाड़ी ब्लॉक के मल्ला गांव के डांग तोक क्षेत्र में एक भालू पिंजरे में कैद हो गया, जिसकी पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और वन विभाग ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है, लेकिन क्षेत्र में अभी भी भालुओं की मौजूदगी बनी हुई है। लगातार हो रही घटनाओं के चलते ग्रामीणों में डर का माहौल है और वे वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
भटवाड़ी क्षेत्र के मल्ला गांव में बीते दिनों भालू और उसके दो शावकों के घर में घुसने की घटना सामने आई थी। यह पूरा घटनाक्रम भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था, जिसमें भालू अपने बच्चों के साथ घर के भीतर भोजन तलाशते और इधर-उधर घूमते दिखाई दिए थे। इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई थी और वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरे लगाए थे।
आधिकारिक जानकारी
टकनौर क्षेत्र के रेंजर रूप मोहन नौटियाल ने बताया कि पिंजरे में कैद भालू को उत्तरकाशी वन प्रभाग कार्यालय लाया जा रहा है। इसके बाद शासन से पत्राचार कर भालू को अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अभी भी कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्थानीय / मानवीय आवाजें
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय भालुओं की आवाजाही से गांव में डर का माहौल बना हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की कार्रवाई से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन जब तक सभी भालुओं को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर नहीं भेजा जाता, तब तक खतरा बना रहेगा।
आंकड़े / तथ्य
घटना मल्ला गांव के डांग तोक क्षेत्र की है।
तीन भालू एक साथ घर के आंगन में दिखाई दिए थे।
पिंजरे में एक भालू कैद हुआ, जबकि दो भालू बाहर निकल गए।
सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है।
वन विभाग को बुधवार सुबह करीब 8 बजे भालू के पकड़े जाने की सूचना मिली।
आगे क्या होगा
वन विभाग के अनुसार पिंजरे में फंसे भालू को सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि जंगलों में चारापत्ती लाने या अन्य कार्यों के लिए समूह बनाकर जाएं और किसी भी जंगली जानवर की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





