
रुद्रपुर में किच्छा कोतवाली क्षेत्र के बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर समीर अहमद हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। वर्ष 2018 में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले में फरार अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए। यह फैसला सात साल पुराने इस हत्याकांड में पीड़ित परिवार के लिए न्याय की बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह मामला 3 मई 2018 का है, जब किच्छा कोतवाली क्षेत्र के वार्ड 6/11 निवासी प्रॉपर्टी डीलर समीर अहमद की आदित्य चौक पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी और इसके पीछे कई आरोपी शामिल थे।
आधिकारिक जानकारी
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड में अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू, प्रसन्नजीत सिंह उर्फ सन्नी, गुरचरण सिंह उर्फ बंटी, जसविंदर सिंह और सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा के नाम सामने आए थे। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड रंदीप सिंह उर्फ राजा था, जिसके इशारे पर वारदात को अंजाम दिया गया।
मामले की सुनवाई करते हुए तृतीय अपर जिला जज मुकेश कुमार आर्य ने अदालत में उपस्थित तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला न्याय व्यवस्था में भरोसा मजबूत करने वाला है। व्यापारियों ने बताया कि समीर अहमद की हत्या के बाद इलाके में लंबे समय तक डर का माहौल बना रहा था और अब जाकर पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिली है।
आंकड़े / तथ्य
इस मामले में कुल छह आरोपी नामजद किए गए थे। इनमें से तीन दोषियों को सजा सुनाई गई है, जबकि जसविंदर सिंह, सुखदेव सिंह और मुख्य आरोपी रंदीप सिंह उर्फ राजा अभी भी फरार हैं। अदालत ने पुलिस को इनकी शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
आगे क्या होगा
न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इन आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा, ताकि शेष दोषियों को भी सजा सुनाई जा सके।






