
देहरादून: प्रदेश के सरकारी और अशासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 लाख छात्र-छात्राओं को इस शैक्षणिक वर्ष मुफ्त कॉपियों का लाभ नहीं मिल पाएगा। अप्रैल 2025 में कैबिनेट से योजना को मंजूरी मिलने के बावजूद शिक्षा विभाग समय पर टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया। नतीजतन कक्षा एक से 12वीं तक के छात्र पूरे साल मुफ्त कॉपियों का इंतजार करते रह गए। अब विभाग ने अगले शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए नोटबुक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य सरकार ने पहले ही छात्रों को मुफ्त किताबें और स्कूल यूनिफॉर्म देने की योजना लागू की हुई है। इसी कड़ी में छात्रों को मुफ्त कॉपियां देने की घोषणा की गई थी, ताकि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद उम्मीद थी कि सत्र की शुरुआत में ही छात्रों को यह सुविधा मिल जाएगी, लेकिन विभागीय देरी के चलते योजना इस वर्ष धरातल पर नहीं उतर सकी।
आधिकारिक जानकारी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए छात्र-छात्राओं को मुफ्त कॉपियां उपलब्ध कराई जानी हैं। इसके लिए चार दिसंबर 2025 को ऑनलाइन ई-निविदा आमंत्रित की गई है। विभाग का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले सत्र में छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभिभावकों का कहना है कि मुफ्त कॉपियों की घोषणा के बाद उन्होंने उम्मीद की थी कि पढ़ाई का खर्च कुछ कम होगा।
वहीं शिक्षकों का कहना है कि यदि सामग्री समय पर मिलती तो छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों में और सुविधा होती।
संख्या / आंकड़े
प्रदेश में करीब 10 लाख छात्र-छात्राएं इस योजना से लाभान्वित होने वाले थे।
योजना का दायरा कक्षा 1 से 12वीं तक के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छात्रों के लिए है।
ऑनलाइन ई-निविदा 4 दिसंबर 2025 को आमंत्रित की गई है।
आगे क्या होगा
शिक्षा विभाग का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में छात्रों को मुफ्त कॉपियां उपलब्ध कराई जा सकें। विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने की बात भी कही जा रही है, जिससे भविष्य में इस तरह की देरी न हो।





