
देहरादून। साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर कॉल कर 77 वर्षीय बुजुर्ग की जीवनभर की जमापूंजी ऑनलाइन लूट ली। ठगों ने नेट बैंकिंग शुरू होने का हवाला देते हुए प्रक्रिया रद्द करने का झांसा दिया और एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद बुजुर्ग के अलग-अलग बैंक खातों से कुल 15.69 लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर दी गई। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठग बैंक या तकनीकी सहायता का डर दिखाकर संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार शिमला रोड माजरा निवासी प्रमोद गोयल को तीन जनवरी को व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए उनके खाते पर नेट बैंकिंग शुरू होने की बात कही। जब बुजुर्ग ने इसकी जरूरत से इनकार किया तो ठगों ने प्रक्रिया रद्द करने का बहाना बनाया और एटीएम कार्ड का विवरण ले लिया। इसके बाद पांच बैंक खातों से पूरी रकम निकाल ली गई।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
पीड़ित परिवार का कहना है कि ठगी की जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क किया, जहां पता चला कि नेट बैंकिंग का एक्सेस लेकर ठगों ने पैसे ट्रांसफर किए हैं। घटना के बाद से परिवार सदमे में है।
आंकड़े / तथ्य
ठगों ने कुल 15.69 लाख रुपये से अधिक की रकम अलग-अलग खातों से ट्रांसफर की। घटना तीन जनवरी की है, जबकि शिकायत पर सोमवार को मामला दर्ज किया गया।
आगे क्या होगा
थानाध्यक्ष चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साइबर सेल की मदद से खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।






