A wet rural road with bad potholes.
यमकेश्वर (पौड़ी): विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। पौखाल क्षेत्र में मालन घाटी के पास 25 गांवों को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात आते ही यह सड़क बार-बार टूट जाती है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यमकेश्वर विधानसभा के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से मरम्मत और सुधार कार्यों की प्रतीक्षा कर रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष बरसात के मौसम में सड़कें कट जाती हैं, नालों और छोटी नदियों के उफान में मार्ग डूब जाता है और दिनों तक यातायात बंद रहता है। ऐसी स्थिति में स्कूल जाने वाले बच्चे, अस्पताल जाने वाले मरीज और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
मालन घाटी क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि विकास कार्यों को लेकर उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन ही मिलते आए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की हालत ऐसी है कि बरसात के दिनों में इसे पार करना जोखिम भरा हो जाता है। कई बार सड़क पूरी तरह बह जाती है और गांवों का संपर्क टूट जाता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि क्षेत्र के 25 गांव इस समस्या से जूझ रहे हैं और बेहतर सड़क निर्माण या स्थायी समाधान की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी स्वीकार किया कि सड़क की स्थिति चुनौतीपूर्ण है और ग्रामीण लगातार कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
अधिकारीक स्थिति
सड़क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में सड़क सुधार के प्रस्तावों पर काम किया जा रहा है। बरसात से पहले मरम्मत कार्य करने की योजना पर चर्चा चल रही है। विभाग का कहना है कि भौगोलिक परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होने के कारण कार्यों में समय लगता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
आगे की स्थिति
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क को पक्के व स्थायी स्वरूप में तैयार किया जाए ताकि बारिश के दौरान बार-बार टूटने वाली स्थिति से राहत मिल सके। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाएगी, जिसके बाद बजट स्वीकृति के अनुरूप कार्य किए जाएंगे।






