
यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल): लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज के अंतर्गत यमकेश्वर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में बंदरों की बढ़ती समस्या से परेशान ग्रामीणों को राहत मिली है। वन विभाग की टीम ने पिंजरे लगाकर करीब छह दर्जन से अधिक बंदरों को पकड़कर रेस्क्यू केंद्र चिड़ियापुर भेजा है। यह कार्रवाई ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद की गई।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
विकासखंड के भृगुखाल, कांडी, चाई दमराड़ा और जामल गांवों में बीते तीन दिनों से बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर उनकी खेती को नुकसान पहुंचा रहे थे और घरों में घुसकर खाद्य सामग्री उठा ले जाते थे, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
लालढांग रेंज की ओर से विशेष टीम तैनात की गई। वन आरक्षी पंकज कुमार ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से बंदरों को पकड़ने की मांग कर रहे थे। टीम ने तय प्रक्रिया के तहत बंदरों को पकड़कर चिड़ियापुर रेस्क्यू केंद्र भेज दिया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि इससे खेती और घरों की सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत मिली है। उनका कहना है कि बंदरों के कारण लंबे समय से नुकसान हो रहा था, जिसे लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं।
आगे क्या होगा
वन विभाग के अनुसार, अन्य गांवों में भी जरूरत के मुताबिक पिंजरे लगाए जाएंगे और बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके।
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