
विकासनगर: प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद विकासनगर क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई तेज हो गई है। एसडीएम विनोद कुमार ने एमडीडीए अधिकारियों के साथ पांवटा रोड हरबर्टपुर से शिमला बाईपास तक निरीक्षण कर कुल नौ स्थानों पर अवैध प्लाटिंग चिन्हित की और जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
विकासनगर और आसपास के इलाकों में अवैध प्लाटिंग की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। बिना अनुमति निर्माण, नालों पर कब्जा और गैरकानूनी विकास कार्य स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। सरकार द्वारा दिए गए सख्त आदेशों के बाद प्रशासन ने इस पर कार्रवाई तेज की है।
आधिकारिक जानकारी
एसडीएम विनोद कुमार ने एमडीडीए के अभियंताओं और राजस्व विभाग की टीम के साथ पांवटा रोड हरबर्टपुर, धर्मावाला चौक, कुल्हाल बार्डर, ढालीपुर, ढकरानी और शिमला बाईपास क्षेत्र में निरीक्षण किया। जांच में हरबर्टपुर में पांच और शिमला बाईपास क्षेत्र में चार अवैध प्लाटिंग स्थल मिले। अधिकारियों ने मौके पर काबिज लोगों से सभी अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि दस्तावेज न देने की स्थिति में अविलंब कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एक स्थान पर पुलिया तो बनी मिली, लेकिन उसके नीचे का नाला पूरी तरह गायब पाया गया। एसडीएम ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए चेतावनी दी कि जहां भी अभिलेख नहीं दिखाए जाएंगे, वहां प्राधिकरण की मशीनें बहुत जल्द ध्वस्तीकरण कार्रवाई करेंगी।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग से नालों का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होता है, जिससे बारिश के मौसम में जलभराव और स्थानीय बस्तियों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि ऐसे निर्माण को तत्काल रोका जाना जरूरी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में बिना अनुमति बनाए जा रहे प्लॉटों से इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ रहा है। एक निवासी ने बताया कि “नालों पर कब्जा होने से बरसात के समय पानी घरों तक पहुंच जाता है। प्रशासन की यह कार्रवाई देर से सही, लेकिन जरूरी है।”
आगे क्या?
एमडीडीए ने चिन्हित क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अवैध प्लाटिंग पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।






