
विकासनगर क्षेत्र में शक्तिनहर किनारे जल विद्युत निगम की भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों पर प्रशासन की कार्रवाई सोमवार को भी जारी रही। दूसरे दिन कुल 46 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। इससे पहले रविवार को 65 निर्माण हटाए गए थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोबारा अतिक्रमण करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शक्तिनहर किनारे जल विद्युत निगम की भूमि पर पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण खड़े हो गए थे। ढालीपुर, कुंजा, ढकरानी, हरिपुर और कुल्हाल सहित कई क्षेत्रों में 111 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए थे। प्रशासन ने रविवार से चरणबद्ध कार्रवाई शुरू की थी।
आधिकारिक जानकारी
सोमवार को डाकपत्थर, कुंजा, कुल्हाल और ढकरानी में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध निर्माणों को हटाना जारी रखा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई पूरी की गई।
अभियान का नेतृत्व एसडीएम विनोद कुमार कर रहे थे। उनके साथ नायब तहसीलदार ग्यारुदत्त जोशी, सीओ भास्कर लाल शाह, सहसपुर कोतवाल शंकर सिंह बिष्ट, और विकासनगर कोतवाल विनोद गुसाईं मौके पर मौजूद रहे।
नायब तहसीलदार ग्यारुदत्त जोशी के अनुसार सोमवार को शेष बचे 46 अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। उन्होंने बताया कि नोटिस देकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया है और दोबारा निर्माण होने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कड़ी सुरक्षा में हुई कार्रवाई के कारण स्थानीय लोग विरोध नहीं कर सके। कई लोग अपने मकानों को टूटते हुए देखते रहे। कुछ निवासी प्रशासन की नोटिस प्रक्रिया पर सवाल भी उठा रहे हैं।
लक्ष्मणपुर निवासी शिवम गुप्ता ने एसडीएम को शिकायत दी है कि उन्हें जो नोटिस दिया गया है वह गलत खसरा नंबर से संबंधित है, लेकिन लाल निशान उनकी दुकान पर लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों की जांच स्पष्टता से होनी चाहिए।
आगे क्या
प्रशासन ने बताया कि चिह्नित सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई पूरी कर ली गई है। आगे दोबारा निर्माण या कब्जे की स्थिति में त्वरित विधिक कार्रवाई की जाएगी। यूजेवीएनएल और तहसील प्रशासन ने कहा है कि विवादित नोटिस वाले मामलों की समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी भी वैध भूमि स्वामी को नुकसान न हो।






