
चमोली: चमोली जिले की फूलों की घाटी रेंज के जंगलों में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए राहत और निगरानी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आग बुझाने के अभियान में भारतीय वायु सेना का हेलिकॉप्टर सहायता प्रदान कर रहा है, जो ज्योतिर्मठ में तैनात है। पिछले दो–तीन दिनों से यह हेलिकॉप्टर भारतीय सेना के साथ समन्वय में काम कर रहा है। आग प्रभावित क्षेत्र का हवाई और जमीनी सर्वे पूरा कर लिया गया है, जिससे स्थिति का आकलन किया जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं। फूलों की घाटी जैसे संवेदनशील और जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र में आग लगना पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय माना जाता है। यहां दुर्लभ वनस्पतियां और वन्यजीव पाए जाते हैं, जिन पर वनाग्नि का सीधा असर पड़ सकता है।
आधिकारिक जानकारी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वायुसेना का हेलिकॉप्टर आग की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण कर लिया गया है, लेकिन फिलहाल हेलिकॉप्टर से बांबी बकेट के माध्यम से पानी नहीं डाला गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम, हवा की दिशा और आग के फैलाव की स्थिति को देखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और पर्यावरण से जुड़े संगठनों का कहना है कि फूलों की घाटी जैसे संरक्षित क्षेत्र में आग पर जल्द से जल्द नियंत्रण जरूरी है।
उनका मानना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाने से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।
आंकड़े / तथ्य
हेलिकॉप्टर पिछले दो–तीन दिनों से राहत अभियान में शामिल है। आग प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वे पूरा किया जा चुका है। फिलहाल बांबी बकेट से पानी डालने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है। यदि आग के फैलने का खतरा बढ़ता है, तो वायुसेना के हेलिकॉप्टर से बांबी बकेट के जरिए पानी डालने का निर्णय लिया जा सकता है। वन विभाग, सेना और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







