
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोबाटा के पास एक बड़ा हादसा हो गया। एक स्कूल बस और रोडवेज बस की टक्कर में 14 स्कूली बच्चे और 2 अन्य व्यक्ति घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर हंगामा मच गया। 108 आपातकालीन सेवा और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हादसे का विवरण
होटल व्यवसायी गुरुदेव सिंह रावत, जो घटना के समय मौके पर मौजूद थे, ने बताया कि स्कूल बस दोबाटा के पास बच्चों को बैठा रही थी। तभी यमुनोत्री जानकीचट्टी से देहरादून-दिल्ली जा रही रोडवेज बस अनियंत्रित होकर स्कूल बस से पीछे से टकरा गई। स्कूल बस में कुल 30 बच्चे सवार थे, जिनमें से 14 बच्चों को हल्की-फुल्की चोटें आईं। रोडवेज बस में सवार दो व्यक्तियों को भी सामान्य चोटें आई हैं।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू किए और घायलों को बाहर निकाला।
घायलों का उपचार
सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टर अंगद सिंह राणा ने बताया कि 2-3 बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बाकी का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। रोडवेज बस के दो घायल यात्रियों की हालत भी स्थिर है।
- कुल घायल: 14 बच्चे और 2 अन्य व्यक्ति।
- उपचार: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट में प्राथमिक उपचार।
- गंभीर घायल: 2-3 बच्चे।
जांच और प्रारंभिक कारण
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रोडवेज बस की अनियंत्रित गति और संभवतः चालक की लापरवाही हादसे का कारण हो सकती है। यमुनोत्री राजमार्ग पर पहाड़ी सड़कों की स्थिति और ट्रैफिक प्रबंधन की कमी भी इस तरह के हादसों को बढ़ावा देती है।
स्थानीय और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों में चिंता पैदा कर दी है। कई अभिभावकों ने स्कूल बसों की सुरक्षा और राजमार्ग पर ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की गति सीमा और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए।
सड़क सुरक्षा पर ध्यान जरूरी
यह हादसा उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की कमियों को उजागर करता है। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की नियमित जांच, चालकों का प्रशिक्षण, और सड़क मरम्मत जरूरी है। प्रशासन से उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।







