
उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक स्थित सट्टा गांव में सोमवार देर शाम भीषण अग्निकांड हो गया। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते दो आवासीय भवनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दोनों मकान जलकर राख हो गए। घटना में एक व्यक्ति के झुलसने से मौत की आशंका जताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही राजस्व, पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं। इस अग्निकांड से गांव में अफरा-तफरी का माहौल है और कई परिवारों की गृहस्थी उजड़ने की आशंका बनी हुई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मोरी ब्लॉक के पर्वतीय गांवों में अधिकांश मकान लकड़ी के बने होते हैं। ऐसे में आग लगने की घटनाएं तेजी से फैलती हैं और नुकसान भी अधिक होता है। इससे पहले भी क्षेत्र में आग की घटनाओं के कारण कई परिवार बेघर हो चुके हैं।
सट्टा गांव में कैसे भड़की आग
आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार, फते पर्वत क्षेत्र के सट्टा गांव की अनुसूचित जाति बस्ती में एक आवासीय भवन में देर शाम अचानक आग लग गई। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और पास के दूसरे मकान तक फैल गई।
नुकसान और जनहानि की आशंका
जानकारी के मुताबिक, आग में आसमू लाल पुत्र खंडू और प्रमिल लाल के मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। स्थानीय निवासी दीवान सिंह ने बताया कि इस घटना में आसमू लाल के झुलसने से मौत की आशंका जताई जा रही है। आग में घरों में रखा खाद्यान्न, कपड़े, नगदी, सोना-चांदी सहित अन्य जरूरी सामान भी नष्ट हो गया।
आधिकारिक जानकारी
घटना पर तहसील प्रशासन ने स्थिति की पुष्टि की है। सरदार सिंह चौहान ने बताया कि देर शाम सट्टा गांव में दो आवासीय भवन जलने की सूचना मिली है। एक भवन पूरी तरह जल चुका है, जबकि दूसरे में आग की जानकारी मिली है। एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है और टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद ही जनहानि की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
राहत और बचाव
आग की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग के साथ पुलिस और फायर सर्विस की टीमें बड़कोट, पुरोला और मोरी से मौके के लिए रवाना की गईं। ग्रामीण भी अपने स्तर से आग बुझाने में जुटे रहे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि लकड़ी के मकानों के कारण आग तेजी से फैलती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित राहत और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता की मांग की है।
आगे क्या होगा
प्रशासन के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी। राहत-बचाव कार्य के बाद नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।







