
उत्तरकाशी। जनपद में भालुओं की बढ़ती चहलकदमी से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। बड़कोट क्षेत्र में भालू के हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर देहरादून रेफर किया गया है। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर नगर पालिका क्षेत्र के दोबाटा और चौंदारी तोक में तड़के तीन भालुओं की मौजूदगी देखे जाने से दहशत और बढ़ गई है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच स्थानीय लोग वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। जंगलों के आसपास बसे गांवों में भालू, गुलदार जैसे वन्यजीवों की आवाजाही से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उत्तरकाशी जिले में बीते कुछ समय से भालुओं के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं।
आधिकारिक जानकारी
मंगलवार को रवांई रेंज, अपर वन प्रभाग बड़कोट क्षेत्र में अमरा देवी पत्नी गजेंद्र सिंह, निवासी बड़कोट (नोनीयाली तोक) अपनी छानियों में पशुओं को चारा देने जा रही थीं। इसी दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह भालू को भगाया और घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक अंगद सिंह राणा ने बताया कि महिला के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें देहरादून रेफर किया गया है।
वन विभाग का पक्ष
यमुना वन प्रभाग के एसडीओ साधू लाल ने बताया कि घायल महिला का उपचार चल रहा है और आवश्यकता पड़ने पर विभागीय वाहन से देहरादून ले जाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यमुनोत्री हाईवे पर दोबाटा और चौंदारी तोक क्षेत्र में तीन भालुओं की चहलकदमी देखी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से क्षेत्र में भालुओं की आवाजाही बनी हुई है। भटवाड़ी क्षेत्र के मल्ला गांव में इससे पहले एक भालू अपने दो बच्चों के साथ घर में घुस गया था, जिसकी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि डर के कारण वे जंगल से चारा लेने तक नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी दिनचर्या और पशुपालन प्रभावित हो रहा है।
आंकड़े / तथ्य
एक महिला भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई है। यमुनोत्री हाईवे और आसपास के गांवों में तीन भालुओं की सक्रियता दर्ज की गई है। जिले में हाल के महीनों में भालू के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरे लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है। वन विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में निगरानी और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। आने वाले दिनों में विभाग की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।






