
देहरादून: उत्तराखंड में सोमवार 27 जनवरी को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। पहाड़ी जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश शुरू हो गई है, जबकि देहरादून समेत तराई क्षेत्रों में दोपहर के समय गरज-चमक के साथ थंडरस्टॉर्म की गतिविधि देखने को मिली। मौसम विभाग ने उधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून सहित मैदानी जिलों में दोपहर तक बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि विभाग ने पहले ही 27 और 28 जनवरी के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि सुबह से उत्तरकाशी और चमोली के कुछ इलाकों में बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में दोपहर के बाद बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है।
तेज हवाएं और ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। यह सक्रियता 28 जनवरी दोपहर 12 बजे तक बने रहने का अनुमान है।
पश्चिमी विक्षोभ का अगला असर
सीएस तोमर के अनुसार 30 और 31 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से 1 और 2 फरवरी तक कई जिलों में बारिश और 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। हालांकि यह सक्रियता 23 जनवरी को हुई बर्फबारी जितनी तीव्र नहीं होगी।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं चमोली और उत्तरकाशी के उच्च क्षेत्रों में भी बर्फबारी की सूचना है। गंगोत्री धाम, गौमुख ट्रेक और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने से ठंड बढ़ गई है, जबकि निचले क्षेत्रों में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है।
स्थानीय प्रभाव
मौसम के अचानक बदले मिजाज से पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है, जबकि मैदानी इलाकों में लोगों को बारिश और तेज हवाओं से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।






