
देहरादून: उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी न होने का सीधा असर अब तापमान पर साफ नजर आने लगा है। प्रदेशभर में सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। पर्वतीय इलाकों में शीतलहर और पाले का असर बढ़ गया है, जबकि मैदानी जिलों में घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिलहाल मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव की संभावना कम है और आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
आमतौर पर इस समय तक उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश देखने को मिलती है, जिससे ठंड संतुलित रहती है। लेकिन इस बार मौसम के शुष्क बने रहने से सूखी ठंड का असर बढ़ गया है, जिससे खासकर सुबह और रात के समय परेशानी ज्यादा महसूस की जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 9 जनवरी को प्रदेश के मैदानी जिलों देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के साथ ही नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिलने से कुछ राहत मिल रही है, लेकिन सूखी ठंड बनी हुई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन में धूप निकलने के बावजूद सुबह और रात के समय ठंड काफी ज्यादा हो रही है। कोहरे के कारण वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर हाईवे और शहरों के बाहरी इलाकों में दृश्यता कम हो गई है।
तापमान के आंकड़े
बृहस्पतिवार को दिनभर धूप खिलने के कारण अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया।
देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक रहा। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी इसी तरह का तापमान पैटर्न देखने को मिला।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार 14 जनवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ऐसे में सूखी ठंड का असर बना रह सकता है। लोगों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने, कोहरे में वाहन चलाते समय सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।







