
देहरादून: उत्तराखंड में आज मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने तीन पहाड़ी जिलों—उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़—में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली इस गतिविधि से पूरे राज्य में ठंड और शीत लहर में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दिसंबर के दूसरे सप्ताह में ही पहाड़ों में बर्फबारी के संकेत मिलने लगे हैं। आमतौर पर ऐसा मौसम शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देता है, लेकिन साथ ही सड़क, बिजली और संचार व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ाता है। स्थानीय निवासी भी ठंड के अचानक बढ़ने से प्रभावित होते हैं।
अधिकारिक जानकारी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में 3,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में आज कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी हो सकती है। विभाग ने बताया कि यह गतिविधि सीमित क्षेत्रों तक रहेगी, लेकिन इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
विभाग ने 13 दिसंबर तक के मौसम का पूर्वानुमान भी जारी किया है। अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 1–2 डिग्री बढ़ सकता है, जबकि उसके बाद तापमान में 2–4 डिग्री तक गिरावट आएगी। पहाड़ी इलाकों में सुबह-शाम के समय कोहरा छाने की आशंका भी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून और मसूरी के निवासियों का कहना है कि पिछले दो दिनों से ठंड लगातार बढ़ रही है और सुबह-शाम धुंध भी दिख रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का मानना है कि बर्फबारी से जहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, वहीं दैनिक जीवन पर असर भी पड़ेगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (वैकल्पिक)
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण यह बदलाव देखा जा रहा है। उनका कहना है कि “पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी भी मैदानों में तापमान में बड़ी गिरावट का कारण बनती है।”
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों का तापमान
राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान 21°C और न्यूनतम 9°C दर्ज किया गया।
हरिद्वार में अधिकतम 23°C और न्यूनतम 9°C है।
रुद्रपुर में अधिकतम 22°C और न्यूनतम 9°C रिकॉर्ड किया गया।
काशीपुर में अधिकतम 23°C और न्यूनतम 9°C है।
हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 21°C और न्यूनतम 11°C दर्ज हुआ है।
आगे क्या?
मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा कर रहे लोगों को। विभाग आने वाले दिनों में तापमान में संभावित गिरावट और कोहरे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।




