
देहरादून: उत्तराखंड के गठन को 25 वर्ष पूरे होने पर राज्य सरकार इस वर्ष को रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रही है। इस अवसर पर प्रदेशभर में एक वर्ष तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की जाएगी। इसकी शुरुआत प्रदेश के लोकपर्व इगास (बग्वाल) से होगी, जो दीपावली के 11वें दिन मनाया जाता है।
उत्तराखंड संस्कृति विभाग ने रजत जयंती उत्सव के तहत इगास पर्व को राज्यव्यापी उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी पूरी कर ली है। इस बार इगास का मुख्य आयोजन 1 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास में होगा, जबकि सभी मंत्री और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में इस लोकपर्व को जन सहभागिता के साथ मनाएंगे।
संस्कृति विभाग की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने बताया कि 1 नवंबर से 9 नवंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इन आयोजनों में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पारंपरिक परिधान, खानपान, और लोक संगीत की झलक देखने को मिलेगी।
कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों की प्रमुख भूमिका रहेगी। कलाकार पूरे राज्य में भ्रमण कर स्थानीय लोककला, बोली और परंपराओं को प्रदर्शित करेंगे, जिससे प्रदेश की संस्कृति का आदान-प्रदान और संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
भट्ट ने बताया कि रजत जयंती वर्ष का उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इस दौरान देव संस्कृति और लोक परंपराओं का महासंगम पूरे राज्य में दिखाई देगा।
प्रदेश सरकार का यह आयोजन न केवल राज्य स्थापना दिवस को यादगार बनाएगा, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, कला और आध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक पहचान भी देगा।







