
देहरादून: उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर जहां भाजपा सरकार पूरे प्रदेश में उत्सव मना रही है, वहीं कांग्रेस ने इस मौके पर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि भाजपा के 15 साल के शासनकाल में जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है, जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में प्रदेश ने वास्तविक विकास देखा था।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक मौके को राज्य सरकार बड़े स्तर पर मना रही है। लेकिन विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि यह जश्न नहीं, आत्ममंथन का समय है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने इस अवसर को प्रचार अभियान में बदल दिया है, जबकि जनता की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
प्रदेश सरकार पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में बेरोजगारी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि “भाजपा ने पारदर्शिता के नाम पर खोखले दावे किए हैं, जबकि कांग्रेस ने बिना इन्वेस्टर मीट के ही लोगों को रोजगार दिलाया था।”
महिला सुरक्षा और भूमाफिया का मुद्दा
करन माहरा ने राज्य में बढ़ते महिला अपराधों और भूमाफियाओं के प्रभाव पर चिंता जताई। उनका कहना था कि “प्रदेश में खनन और भूमि माफिया हावी हैं, लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नारायण दत्त तिवारी के शासनकाल में हुए विकास के स्तर को भी नहीं छू पाई है।
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवाल
माहरा ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। “जनता में भय का माहौल है और सरकार असंवेदनशील हो चुकी है।” उन्होंने बताया कि यहां तक कि हॉर्टिकल्चर विभाग की सीबीआई जांच बैठानी पड़ी, जो शासन की विफलता दर्शाती है।
कांग्रेस की आगामी योजना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आने वाले दिनों में युवाओं, किसानों और महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि उत्तराखंड को एक नई दिशा देने के लिए कांग्रेस के साथ आएं।
कांग्रेस की प्रदर्शनी की तैयारी
कांग्रेस पार्टी ने 8 नवंबर को “10 साल बनाम 15 साल” थीम पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित करने की घोषणा की है। यह प्रदर्शनी कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय देहरादून में लगेगी, जिसमें पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों और चुनौतियों को दिखाया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ
देहरादून के स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजनीतिक दलों को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय राज्य के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। एक व्यापारी ने कहा, “रोजगार, शिक्षा और सड़कें — यही राज्य की जरूरतें हैं, जश्न नहीं।”
आगे क्या
कांग्रेस की प्रदर्शनी के बाद राजनीतिक माहौल और गर्माने की संभावना है। भाजपा की ओर से अब तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे टिप्पणी करने से बचते दिखे।







