
देहरादून। प्रदेश में सड़कों पर इधर-उधर खड़े वाहनों से लगने वाले जाम और बढ़ते हादसों को देखते हुए परिवहन विभाग अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। इसके लिए मानक संचालन कार्यविधि (एसओपी) तैयार की जा रही है, ताकि वाहनों को अनिवार्य रूप से निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जा सके। परिवहन मुख्यालय ने सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर अपने-अपने क्षेत्रों में एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। सभी संभागों से प्रस्ताव मिलने के बाद एकीकृत एसओपी तैयार कर पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में सड़कों पर लगने वाले जाम का एक बड़ा कारण बेतरतीब पार्किंग मानी जा रही है। खासकर मुख्य बाजारों के आसपास, कॉलोनियों और सोसायटियों के बाहर बड़ी संख्या में वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे दिन में यातायात बाधित होता है और रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
आधिकारिक जानकारी
परिवहन विभाग के अनुसार, नियमानुसार सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही खड़ा किया जाना चाहिए। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना दंडनीय अपराध है, जिस पर चालान की कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद सुविधा और लापरवाही के चलते वाहन स्वामी सड़कों को ही पार्किंग बना लेते हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों और रिहायशी इलाकों में सड़क किनारे खड़े वाहन आए दिन जाम का कारण बनते हैं। कई लोगों ने बताया कि संकरी सड़कों पर रात के समय खड़े वाहनों से दुर्घटना का खतरा बना रहता है, जिससे पैदल चलने वालों और दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
हाईकोर्ट का निर्देश
हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने इस विषय में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सचिव परिवहन और सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि वाहन पार्किंग स्थलों में ही खड़े किए जाएं। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने एसओपी तैयार करने का निर्णय लिया है।
क्या बोले अधिकारी
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि सभी संभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर एसओपी तैयार करें। सभी संभागों से सुझाव मिलने के बाद एकीकृत एसओपी बनाई जाएगी, जिसे पूरे उत्तराखंड में लागू किया जाएगा।
आगे क्या होगा
एसओपी लागू होने के बाद सड़कों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ एकरूप कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि इससे जाम की समस्या कम होगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और आमजन को राहत मिलेगी।







