
देहरादून: उत्तराखंड में नर्सिंग कॉलेजों की कार्यप्रणाली पर सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। देहरादून और हरिद्वार में किए गए औचक निरीक्षण में चार नर्सिंग कॉलेजों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। अब शासन स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है और कार्रवाई के तौर पर मान्यता रद्द करने तक का निर्णय लिया जा सकता है।
फैकल्टी से लेकर सुविधाओं तक मिली खामियां
निरीक्षण समिति को कई स्तर पर गड़बड़ियां मिलीं। कई कॉलेजों में योग्य फैकल्टी की कमी पाई गई, जबकि छात्रों की उपस्थिति रजिस्टर और वास्तविक उपस्थिति में भी अंतर सामने आया। इसके अलावा आधारभूत सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और उपकरणों में भी मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं मिली।
संबद्ध अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक
सबसे गंभीर मामला उन अस्पतालों का सामने आया जो इन कॉलेजों से संबद्ध बताए गए थे। जांच में पाया गया कि कई अस्पताल या तो संचालित ही नहीं हो रहे थे या फिर जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। इससे छात्रों की ट्रेनिंग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
इन कॉलेजों में मिली अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान गुरुनानक नर्सिंग कॉलेज (सहसपुर), न्यू अनमोल कॉलेज ऑफ नर्सिंग (ढालीपुर, विकासनगर), मॉडर्न ग्लोबल कॉलेज ऑफ नर्सिंग (हरिद्वार) और तक्षशिला नर्सिंग कॉलेज (हरिद्वार) में प्रमुख खामियां पाई गईं।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
शासन द्वारा गठित निरीक्षण समिति ने 9 और 10 मार्च को यह जांच की थी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित कॉलेजों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल इसका अध्ययन किया जा रहा है और जल्द ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस कार्रवाई ने राज्य की नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि शासन इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करता है।




