
देहरादून: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 13 दिसंबर को देशभर की तरह उत्तराखंड में भी सभी जिलों और तहसील स्तरीय न्यायालयों में लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। देहरादून जिले में सितंबर की लोक अदालत के बाद पहली बार पेंडेंसी एक लाख से नीचे आई थी, जिससे इस बार भी बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण की उम्मीद जताई जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लोक अदालतें न्याय तक आसान पहुँच और विवादों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित की जाती हैं। उत्तराखंड में बीते वर्षों में लोक अदालतों के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ है, जिससे न्यायालयों की पेंडेंसी कम करने में सहायता मिली है।
आधिकारिक जानकारी
देहरादून जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष और जिला न्यायाधीश सीमा डूंगराकोटी ने बताया कि 13 दिसंबर की लोक अदालत देहरादून मुख्यालय के साथ विकासनगर, ऋषिकेश, चकराता, मसूरी और डोईवाला में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह लोक अदालत उन सभी मामलों के लिए लाभकारी है जो समझौते के आधार पर निपटाए जा सकते हैं—फौजदारी के शमनीय मामले, मोटर व्हीकल एक्ट, चेक बाउंस, बिजली–पानी बिल, श्रम विवाद, राजस्व और दीवानी मामले इत्यादि।
पिछले आयोजनों में—
- मार्च में 8,000
- मई में 10,000
- सितंबर में 14,000
मामले एक ही दिन में निस्तारित किए गए।
सितंबर में 7,000 प्री-लिटिगेशन मामले भी हल किए गए, जो बैंक लोन और EMI विवादों से जुड़े थे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून के कई अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लोक अदालतें छोटे–मध्यम विवादों के समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुकी हैं। लोगों ने बताया कि कई बार सामान्य चालान, बिजली बिल विवाद या पारिवारिक मामलों में लोक अदालत तेज़ और किफायती समाधान देती है।
कुछ लोगों ने कहा कि पिछले आयोजनों में मिले राहत ने उन्हें फिर से आवेदन करने के लिए प्रेरित किया है।
मुख्य श्रेणियाँ जिनमें राहत मिलेगी
लोक अदालत में फौजदारी के शमनीय प्रकृति के विवाद, धारा 138 एनआई एक्ट, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, श्रम विवाद, राजस्व मामले, दीवानी वाद, विद्युत और जलकर बिल विवाद, वेतन व सेवानिवृत्ति लाभ जैसे मामलों का निस्तारण किया जा सकता है। ऐसे सभी मामलों में पक्षकार आपसी सहमति से समझौता कर समाधान पा सकते हैं।
जिला न्यायाधीश सीमा डूंगराकोटी ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मिलने वाली राहत सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। बिना हेलमेट, रेड लाइट जंप, ओवरस्पीड जैसे चालानों में अक्सर आधे तक जुर्माने की छूट मिल जाती है।
कैसे करें आवेदन?
लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून कार्यालय में जाकर अपनी केस जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा वे फोन नंबर 0135-2520873, मोबाइल नंबर 9458346961 तथा ईमेल dehradundlsa13@gmail.com पर भी संपर्क कर सकते हैं।
आगे क्या?
13 दिसंबर की लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण की उम्मीद है। जिला न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालतें न केवल पेंडेंसी कम कर रही हैं, बल्कि लोगों को सस्ता और तेज़ न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई हैं।





