
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण और नई नियुक्तियों से संबंधित अधिसूचना जारी की है। मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर जारी इस अधिसूचना के तहत शासन में तैनात प्रमुख सचिव (विधि) प्रशांत जोशी को नैनीताल का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह कदम न्यायिक प्रशासन को और अधिक प्रभावी व सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में न्यायिक कार्यों की बढ़ती जिम्मेदारियों और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण और नई तैनातियां की जाती हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अदालतों के कार्यों में संतुलन बनाए रखना और लंबित मामलों के निस्तारण की गति को बेहतर करना होता है।
आधिकारिक जानकारी
हाईकोर्ट की अधिसूचना के अनुसार प्रशांत जोशी, वर्तमान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल का स्थान लेंगे। वहीं, हरीश कुमार गोयल के नाम की सिफारिश राज्य सरकार को पौड़ी गढ़वाल के परिवार न्यायालय में प्रमुख न्यायाधीश के रूप में तैनाती के लिए भेजी गई है।
इसी क्रम में राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण, देहरादून के अध्यक्ष नितिन शर्मा को उनके मूल विभाग में वापस बुलाते हुए टिहरी गढ़वाल का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वह यहां अमित कुमार सिरोही का स्थान लेंगे, जिनके नाम की सिफारिश राज्य सरकार में प्रमुख सचिव (विधि)-सह-एल.आर. के पद के लिए की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि इन बदलावों से जिला अदालतों में प्रशासनिक संतुलन बनेगा और न्यायिक कार्यों की गति में सुधार होगा। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई है कि नई नियुक्तियों से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
अतिरिक्त प्रभार और नई तैनातियां
प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रखने के लिए हाईकोर्ट ने अतिरिक्त प्रभार और नई नियुक्तियों के भी निर्देश दिए हैं। वाणिज्यिक कर न्यायाधिकरण के अध्यक्ष मलिक मजहर सुल्तान को उनके वर्तमान कार्यों के साथ राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण, देहरादून के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की अनुशंसा की गई है।
इसके अलावा पौड़ी गढ़वाल के परिवार न्यायालय के प्रमुख न्यायाधीश राहुल गर्ग को हरिद्वार के श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रिक्त पद पर तैनात करने का निर्णय लिया गया है।
आगे क्या होगा
यह आदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता द्वारा हस्ताक्षरित हैं और तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे। हालांकि, इन स्थानांतरणों और नियुक्तियों का पूर्ण क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा संबंधित प्रतिनियुक्ति और पोस्टिंग अधिसूचनाएं जारी होने के बाद ही प्रभावी होगा।







