
देहरादून: प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों पर बंपर भर्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, दंत हाईजिनिस्ट और एएनएम के कुल 900 पदों पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी। लंबे समय से सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। इन भर्तियों से न केवल स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यभार कम होगा, बल्कि आम जनता को बेहतर और समय पर इलाज भी मिल सकेगा। सरकार का यह फैसला प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के कई सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में वर्षों से चिकित्सकीय और नर्सिंग स्टाफ के पद खाली चल रहे हैं। इसके चलते मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार पहले भी खाली पदों को भरने की बात कह चुकी है, लेकिन अब बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है।
आधिकारिक जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राजकीय चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों में शत-प्रतिशत रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि चयन प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। इसके अलावा चिकित्साधिकारियों के 287 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भी बोर्ड को भेजा गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों और अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय बाद इतनी बड़ी संख्या में भर्तियां निकलने से युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई है कि अस्पतालों में स्टाफ बढ़ने से इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा।
आंकड़े / जानकारी
स्वास्थ्य विभाग में दंत हाईजिनिस्ट के 30 पद, नर्सिंग अधिकारियों के बैकलॉग के 103 पद, चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग अधिकारियों के 587 पद और एएनएम के 180 पदों पर भर्ती की जाएगी। कुल मिलाकर यह संख्या 900 पदों की है।
आगे क्या होगा
अब उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा भर्ती से जुड़ी विज्ञप्ति, आवेदन प्रक्रिया और चयन परीक्षा की तिथियां जारी की जाएंगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होने की उम्मीद है।







