
देहरादून: उत्तराखंड में बाहरी प्रदेशों से आने वाले वाहनों से ई-डिटेक्शन प्रणाली के जरिए ग्रीन सेस की वसूली की जा रही है। फिलहाल यह व्यवस्था हरिद्वार जिले के गुरुकुल नारसन बॉर्डर पर लागू है, जहां रोजाना करीब एक हजार वाहनों से ग्रीन सेस लिया जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के 14 बॉर्डरों पर यह व्यवस्था शुरू होगी और चारधाम यात्रा से पहले राज्य के सभी 37 बॉर्डरों पर ग्रीन सेस की वसूली लागू कर दी जाएगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उत्तराखंड परिवहन विभाग ने अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस वसूली की प्रक्रिया 14 जनवरी से शुरू की थी। शुरुआती चरण में तकनीकी दिक्कतें सामने आईं, लेकिन वर्तमान में सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। ई-डिटेक्शन के तहत एएनपीआर कैमरों से वाहनों की नंबर प्लेट पहचान कर सेस का आकलन किया जाता है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
परिवहन विभाग का कहना है कि बेहतर रिस्पॉन्स मिलने के बाद अब प्रदेश के सभी बॉर्डर एरिया में लगे कैमरों को चरणबद्ध तरीके से सक्रिय किया जा रहा है। उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि यह प्रणाली फिलहाल ट्रायल बेसिस पर एक बॉर्डर से शुरू की गई थी, जहां परिणाम संतोषजनक रहे हैं। इसी आधार पर अन्य बॉर्डरों पर इसे लागू करने की तैयारी पूरी की जा रही है।
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में निजी वाहनों पर ग्रीन सेस, जानिए कब से और कितना देना होगा
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि होती है। ऐसे में सभी बॉर्डरों पर ग्रीन सेस लागू होने से व्यवस्था पारदर्शी होगी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़ें: नारसन बॉर्डर पर ग्रीन सेस कटौती शुरू, दूसरा ट्रायल सफल—प्रदेशभर में जल्द लागू
आंकड़े और तथ्य
परिवहन विभाग के अनुसार, अप्रैल में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले प्रदेश के 37 बॉर्डर एरिया में लगे करीब 150 एएनपीआर कैमरे सक्रिय कर दिए जाएंगे। रोजाना हजारों वाहनों की एंट्री को देखते हुए सेस कलेक्शन में बढ़ोतरी की संभावना है।
आगे क्या होगा
विभाग का कहना है कि यह प्रणाली देश में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर लागू की जा रही है, इसलिए कुछ तकनीकी चुनौतियां सामने आई थीं। एएनपीआर कैमरों से नंबर प्लेट की जानकारी लेकर सॉफ्टवेयर के माध्यम से फास्टैग तक प्रक्रिया पहुंचाने में शुरुआती दिक्कतें आईं, लेकिन ट्रायल सफल रहा है। आने वाले दिनों में सभी बॉर्डरों पर ग्रीन सेस वसूली शुरू होने के साथ सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com







