
ऋषिकेश: उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड वेलफेयर सोसायटी और उत्तराखंड परिवार – एम्स ऋषिकेश की ओर से एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हर वर्ष उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में इस वर्ष एम्स ऋषिकेश में यह सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई, जिसमें उत्तराखंड की लोकधुनों, परंपराओं और संगीत को मंच पर जीवंत किया गया।
कार्यक्रम की झलक
कार्यक्रम का शुभारंभ एम्स की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की। लोकगायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने “घुघती पाणा”, “बेडु पाको बारोमासा” जैसे लोकप्रिय लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। उनकी गायकी पर दर्शक झूम उठे और हॉल तालियों से गूंज उठा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से लोगों में अपनी जड़ों के प्रति जुड़ाव बढ़ता है। एक दर्शक ने कहा, “उत्तराखंड की संस्कृति को मंच पर देखना गर्व की बात है, इससे हमारी पहचान और मजबूत होती है।”
मुख्य अतिथि और प्रतिभागी
इस अवसर पर डॉ. उदित चौहान, संदीप सिंह, डॉ. सीधी कोठियाल, डॉ. जितेंद्र गैरोला, गौरव बडोला, अखिलेश उनियाल और अनुराग पंत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
आगे क्या
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि लोकसंस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा सके।







