
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारी के वर्दी भत्ते को 1500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया है। प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने इसके संबंध में आदेश जारी कर वन कर्मियों को बड़ी राहत प्रदान की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के वन क्षेत्रों में तैनात कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। जंगली जानवरों, वनाग्नि, भूस्खलन, बर्फबारी और प्राकृतिक आपदाओं के बीच इन्हें निरंतर गश्त और सुरक्षा कार्य करने पड़ते हैं। लंबे समय से वन कर्मियों द्वारा भत्तों में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी।
आधिकारिक जानकारी
प्रमुख सचिव आरके सुधांशु द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
- वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारी का वर्दी भत्ता
1500 रुपये → 3000 रुपये कर दिया गया है। - इन्हें वर्दी के स्थान पर अब धुलाई भत्ता 45 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति माह दिया जाएगा।
- वन दरोगा, वन आरक्षी और जमादार को पहले की तरह वर्दी सिलकर दी जाएगी,
जो हर तीन साल में एक बार उपलब्ध होगी। - इन पदों के लिए वर्दी धुलाई भत्ता 30 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये मासिक कर दिया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उनके मनोबल को बढ़ाएगा और कठिन इलाकों में काम करने वाली टीमों को राहत देगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
वन विभाग से जुड़े कई कर्मचारियों ने भत्ते में बढ़ोतरी का स्वागत किया है। कुछ वन कर्मियों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में लंबे समय तक गश्त के दौरान वर्दी की धुलाई और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ता रहा है, इसलिए यह निर्णय समयानुकूल है।
आगे क्या
सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में वन कर्मियों की कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अन्य सुविधाओं और सुरक्षा उपकरणों पर भी विचार किया जा सकता है। विभाग ने जिलों को आदेश के अनुपालन के लिए निर्देश भेज दिए हैं।






