
देहरादून: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां विभागीय स्तर पर तेज़ हो गई हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आगामी यात्रा के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए फरवरी में दो महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। पहली बैठक 16 फरवरी को ऋषिकेश में गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में होगी, जबकि इसके बाद 20 या 21 फरवरी को चारधाम के तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। इन बैठकों के बाद मार्च के पहले हफ्ते तक चारधाम यात्रा के स्वरूप को तय किए जाने की संभावना है। प्रशासन का फोकस इस बार मूलभूत सुविधाओं और उनसे जुड़े लोगों की तैयारियों पर रहेगा, ताकि बढ़ती भीड़ को सुचारु रूप से संभाला जा सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार चारधाम यात्रा के दौरान अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभाग समय से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं। यात्रा मार्ग, आवास, परिवहन, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को लेकर पहले ही 17 जनवरी को ऋषिकेश में एक प्रारंभिक बैठक हो चुकी है, जिसमें सभी जिलों और विभागों को तय समयसीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि चारधाम यात्रा की तैयारियां अब एडवांस स्टेज में हैं। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी की बैठक में चारधाम यात्रा से जुड़े स्टेकहोल्डर्स—चारों धामों के होटल एसोसिएशन, जिलों के होटल संगठन, बस सेवाएं उपलब्ध कराने वाले संचालक, डंडी-कंडी सहित अन्य सेवा प्रदाता—शामिल होंगे। इसके चार-पांच दिन बाद तीर्थ पुरोहितों के साथ अलग बैठक कर उनके सुझाव लिए जाएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यवसायियों और यात्रा से जुड़े सेवा प्रदाताओं का कहना है कि समय से संवाद होने से व्यवस्थाओं में सुधार आता है। होटल और परिवहन से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस बार पहले से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर भी समन्वय मजबूत होगा।
आंकड़े और तथ्य
प्रशासन के अनुसार, फिलहाल केवल बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई है। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। शेष तीन धामों की तिथियां घोषित होने के करीब 10 दिन बाद ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आगे क्या होगा
चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत अक्षय तृतीया के दिन होती है, जब गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं। इस वर्ष 19 अप्रैल को कपाट खुलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के दिन घोषित की जाएगी। फरवरी की बैठकों के निष्कर्षों के आधार पर यात्रा मार्ग, सुविधाओं और संचालन से जुड़े अंतिम निर्णय लिए जाएंगे।
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