
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मंजूरी दे दी गई। बिजली लाइन से प्रभावित भूमि मालिकों के लिए मुआवजा बढ़ाने से लेकर दंड व्यवस्था में बदलाव तक कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने केंद्र के नए निर्देशों को अपनाते हुए मुआवजा ढांचे में व्यापक संशोधन किया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में बिजली लाइन और टावर निर्माण के दौरान भूमि प्रभावितों के मुआवजे को लेकर लंबे समय से असंतोष रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके अलावा कई पुराने कानूनों में संशोधन और दंड प्रावधानों को सरल बनाने पर भी सरकार ने जोर दिया है।
बिजली लाइन मुआवजा बढ़ा
कैबिनेट ने बिजली लाइन से प्रभावित भूमि मालिकों के लिए मुआवजा दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
केंद्र के नए निर्देशों को अपनाते हुए टावर और उसके एक मीटर परिधि वाले क्षेत्र का मुआवजा सर्किल रेट का 200% कर दिया गया है।
साथ ही, सर्किल रेट और मार्केट रेट के बीच अंतर को लेकर एक समिति बनाई जाएगी, जो प्रभावित भूमि मालिकों के हितों का मूल्यांकन करेगी।
जन विश्वास एक्ट लागू करने की तैयारी
सरकार सात पुराने एक्ट को हटाकर उसकी जगह जन विश्वास एक्ट लागू करेगी। इसके तहत 52 एक्ट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें छोटे अपराधों से जुड़े दंड प्रावधानों को बदलने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का कहना है कि छोटे स्तर के अपराधों में जेल भेजने की व्यवस्था कई बार आम लोगों के लिए असुविधाजनक सिद्ध होती है, इसलिए अब ऐसे मामलों में प्राथमिकता जुर्माने को दी जाएगी।
छोटे अपराधों में अब जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना
उदाहरण देते हुए बताया गया कि जैविक कृषि क्षेत्र में यदि कोई किसान अधिसूचित क्षेत्र में पेस्टिसाइड का उपयोग करता है, तो पहले उसे एक लाख रुपये जुर्माना और एक साल तक जेल की सजा का प्रावधान था।
नई व्यवस्था के मुताबिक जेल की सजा को हटाकर जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।
सरकार का तर्क है कि इससे अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कई किसानों और भूमि मालिकों ने मुआवजा दर बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से मुआवजा दरें वास्तविक जमीन कीमतों के अनुरूप नहीं थीं। वहीं कुछ व्यापारियों और विधि विशेषज्ञों ने छोटे अपराधों पर दंड ढांचा बदलने को सकारात्मक कदम बताया।
आगे क्या होगा
कैबिनेट के फैसलों पर अब संबंधित विभाग औपचारिक अधिसूचनाएं जारी करेंगे। जन विश्वास एक्ट को लागू करने के लिए कानूनी प्रक्रियाएं तेज की जाएंगी, जबकि बिजली लाइन मुआवजा संरचना का लाभ जल्द ही भूमि प्रभावितों को मिलने की संभावना है।







