
हरिद्वार: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहीं उर्मिला सनावर ने 15 जनवरी को भी अपने मोबाइल फोन अदालत में जमा नहीं कराए। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया है कि वह 16 जनवरी को हरिद्वार न्यायालय के समक्ष अपने फोन और आवाज के सैंपल जमा करेंगी। लगातार दूसरी बार फोन जमा न होने से मामले को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित तौर पर अहम दावों और रिकॉर्डिंग को लेकर उर्मिला सनावर सुर्खियों में रही हैं। जांच एजेंसियों की ओर से उनसे रिकॉर्डिंग से जुड़े फोन और आवाज के सैंपल जमा कराने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन तय तिथि पर फोन जमा न होने से मामला विवादों में बना हुआ है।
फोन जमा न होने पर दी सफाई
उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि किसी “कारणवश” वह 15 जनवरी को अदालत में मुख्य रिकॉर्डिंग फोन जमा नहीं करा पाईं। उन्होंने बताया कि न्यायालय से उन्हें एक दिन का अतिरिक्त समय मिला है और 16 जनवरी को वह हरिद्वार न्यायालय में अपने फोन और आवाज के सैंपल प्रस्तुत करेंगी।
राजनीतिक आरोप फिर दोहराए
फोन जमा न होने के साथ ही उर्मिला सनावर ने एक बार फिर भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार दिनों से उन्हें अलग-अलग होटलों में छुपाकर रखा जा रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि महिलाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रोक लगाने का प्रयास हुआ है।
कड़े शब्दों में बयान
उर्मिला सनावर ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि क्या पूरी जिंदगी उन्हें होटल में छुपाकर रखा जाएगा। उन्होंने “बेटी बचाओ” जैसे नारों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने भावनात्मक शब्दों में लिखा कि अंकिता भंडारी की आत्मा अन्याय करने वालों का सर्वनाश करेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग फोन जमा न होने पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग उर्मिला सनावर के आरोपों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
अब सभी की नजरें 16 जनवरी पर टिकी हैं, जब उर्मिला सनावर के अनुसार वह हरिद्वार न्यायालय में फोन और आवाज के सैंपल जमा करेंगी। इसके बाद जांच एजेंसियां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेंगी।







