
हरिद्वार: अभिनेत्री उर्मिला सनावर की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों में बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद पुलिस के सामने पेश न होने पर अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को हरिद्वार पुलिस की दो अलग-अलग टीमों ने सहारनपुर पहुंचकर उर्मिला सनावर के आवास पर नोटिस चस्पा किए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तय समय के भीतर पेश न होने की स्थिति में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट हासिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उर्मिला सनावर का नाम हाल के दिनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक ऑडियो विवाद के बाद सुर्खियों में आया। इस प्रकरण के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी हलचल तेज हो गई थी।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार, उर्मिला सनावर के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली और झबरेड़ा थाने में दर्ज मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं। इससे पहले बहादराबाद थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी उन्हें नोटिस भेजा जा चुका है। तीन बार नोटिस जारी होने के बावजूद जांच में शामिल न होने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य स्तर की एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच सामने आए ऑडियो क्लिप के बाद विवाद और गहरा गया। ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम उछाले जाने से राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
शिकायत और जांच की स्थिति
इस मामले में शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार की ओर से बहादराबाद थाने में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए उर्मिला को नोटिस भेजे, लेकिन वह अब तक जांच में शामिल नहीं हुई हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने संवेदनशील मामले में बार-बार नोटिस के बावजूद पेश न होना संदेह पैदा करता है। लोगों की मांग है कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि उर्मिला सनावर दो दिनों के भीतर पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं होती हैं, तो कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही एसटीएफ को भी उनकी तलाश में लगाया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मामले में आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।







