
सरकारी नौकरी डेस्क: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने साफ किया है कि ग्रेजुएट स्तर की परीक्षा के कथित पेपर लीक विवाद के बावजूद आगामी भर्ती परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। आयोग के अध्यक्ष गणेश सिंह मार्तोलिया ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी दी।
मार्तोलिया ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों में पदों के लिए जून 2026 तक परीक्षाएं समय पर होंगी। उन्होंने कहा, “इस समय 5 अक्तूबर को एक परीक्षा है, फिर 12 अक्तूबर को दूसरी परीक्षा और 28 अक्तूबर को फॉरेस्टर की फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट। इस तरह कई परीक्षाओं की श्रृंखला निर्धारित है। जून 2026 तक लगभग 5,000 से 5,500 पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि कुल 10,000 से 12,000 पद हैं, जिनमें से लगभग 4,500 से 5,000 पदों की परीक्षाएं पहले ही संपन्न हो चुकी हैं। दस्तावेज़ सत्यापन और फिजिकल परीक्षा के बाद अंतिम परिणाम जल्द जारी किए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
मार्तोलिया ने कहा कि पिछले अनुभवों के आधार पर परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ विस्तृत समीक्षा की गई है। इसमें उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक सत्यापन, चेकिंग और परीक्षा केंद्रों में जैमर की स्थापना शामिल है।
परीक्षा केंद्रों की पूरी सैनिटाइजेशन परीक्षा से एक दिन पहले की जाएगी और परीक्षा के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा निगरानी रखी जाएगी। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर दो घंटे पहले पहुंचना होगा। प्रवेश द्वार पर बायोमेट्रिक सत्यापन और पूरी तरह की तलाशी की जाएगी, जिसमें जूते उतारना भी शामिल है।
कथित पेपर लीक मामला
21 सितंबर को हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से ग्रेजुएट स्तर की परीक्षा के तीन पृष्ठ कथित रूप से लीक होने के बाद आगामी परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी थी। मामले के मुख्य आरोपी खालिद मलिक ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मोबाइल फोन परीक्षा केंद्र पर एक दिन पहले छिपा दिया था, जिससे उन्होंने प्रश्न पत्र के तीन पृष्ठों की फोटो खींची और फिर उसे वाशरूम से अपनी बहन को भेज दिया।







