
देहरादून: उत्तराखंड के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अब प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल सती ने इसके लिए सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
संविधान दिवस 26 नवंबर को राज्यभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन छात्रों में देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता मजबूत करेगा।
आधिकारिक जानकारी
शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल सती ने कहा कि 26 नवंबर को प्रदेश के लगभग 21 लाख छात्र-छात्राएं वंदे मातरम का एकसाथ गायन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत का पूर्ण सस्वर गायन किया जाए और इसमें सभी छात्रों और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों को भी इस कार्यक्रम में शामिल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि सामूहिक गायन से बच्चों में अनुशासन और टीम भावना बढ़ती है। एक स्थानीय अभिभावक ने कहा कि “बच्चों को राष्ट्रगीत के अर्थ और इतिहास से परिचित कराने का यह अच्छा अवसर है।”
विशेष पहल
शिक्षा निदेशालय ने यह भी निर्देश दिया है कि कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों के परिजनों और उनकी प्रथम पीढ़ी को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के महत्व की बेहतर समझ मिलेगी।
आगे क्या?
सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और स्कूलों से रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में स्कूलों में रिहर्सल और तैयारी बैठकें आयोजित की जाएंगी।






