
देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद भी विवाह विच्छेद (तीन तलाक) और बहुविवाह के मामलों पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। बीते एक वर्ष में प्रदेशभर से ऐसे कुल 65 मामले दर्ज किए गए हैं। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव गृह को इन मामलों में अलग से प्रविधान करते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद राज्य में बहुविवाह और गैरकानूनी रूप से संबंध विच्छेद को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसका उद्देश्य विवाह और पारिवारिक मामलों में समान कानून लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है। इसके बावजूद कुछ लोग कानून की अनदेखी कर रहे हैं।
विवाह विच्छेद के दर्ज मामले
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक विवाह विच्छेद के 54 मामले पंजीकृत किए गए हैं। इनमें देहरादून में आठ, हरिद्वार में 26, नैनीताल में तीन और ऊधम सिंह नगर में 15 मामले दर्ज हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि यूसीसी लागू होने के बावजूद कुछ जिलों में उल्लंघन की प्रवृत्ति बनी हुई है।
बहुविवाह के मामले
इसी तरह बहुविवाह के कुल 11 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें देहरादून में दो, हरिद्वार में छह और ऊधम सिंह नगर में तीन मामले दर्ज किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार इन सभी मामलों की जांच संबंधित स्तर पर की जा रही है।
सामाजिक पक्ष की भूमिका
समाजसेवी मनु गौड़ ने इन मामलों से जुड़ी जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि ये सभी प्रकरण समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद दर्ज किए गए हैं और यह दर्शाते हैं कि कानून के प्रति जागरूकता और सख्ती दोनों की जरूरत है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता के उल्लंघन से जुड़े जो भी मामले सामने आए हैं, उन पर अलग से प्रविधान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का पालन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार की ओर से ऐसे मामलों की निगरानी और कार्रवाई के लिए अलग व्यवस्था बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में यूसीसी के उल्लंघन पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।






