
सेलाकुई: पछवादून क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अहम सफलता सामने आई है। ग्राम कैंचीवाला स्थित एक आवासीय भवन से वन विभाग की टीम ने भारत की अत्यंत सुंदर सांप प्रजातियों में शामिल लाइकोडोन जारा, जिसे ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक कहा जाता है, को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह घटना शनिवार सुबह की है, जब स्थानीय निवासी ने घर में सांप दिखाई देने की सूचना दी। खास बात यह है कि पछवादून क्षेत्र में इस प्रजाति का यह पहला रेस्क्यू माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में जैव विविधता की मौजूदगी को लेकर नई जानकारी सामने आई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लाइकोडोन जारा प्रजाति का सांप भारत समेत एशिया के कई हिस्सों में पाया जाता है, लेकिन पछवादून क्षेत्र में इसका रेस्क्यू अब तक दर्ज नहीं किया गया था। यह सांप गैर-विषैला होता है और आमतौर पर इंसानों के लिए खतरा नहीं माना जाता। हाल के वर्षों में रिहायशी इलाकों के आसपास वन्यजीवों की मौजूदगी बढ़ने से ऐसे रेस्क्यू मामलों में भी इजाफा देखने को मिला है।
आधिकारिक जानकारी
कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज को सूचना मिलने के बाद विभागीय सर्पमित्र मौके पर पहुंचे और सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू किए गए सांप को उसके वातावरण के अनुरूप उसके प्राकृतिक आवासीय क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, ताकि उसकी सुरक्षा और पारिस्थितिकी संतुलन बना रहे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार उन्होंने इस तरह का अलग रंग-रूप वाला सांप देखा, जिससे शुरुआत में डर का माहौल बन गया था। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते रेस्क्यू होने से किसी तरह की अनहोनी टल गई।
आंकड़े / तथ्य
रेस्क्यू की गई प्रजाति गैर-विषैला सांप है। पछवादून क्षेत्र में इस प्रजाति का यह पहला दर्ज रेस्क्यू माना जा रहा है। उसी दिन एक अन्य वन्यजीव कबर बिज्जू को भी आवासीय क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया।
आगे क्या होगा
वन विभाग द्वारा रेस्क्यू किए गए सभी वन्यजीवों को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों से तुरंत सूचना देने की अपील की जाएगी, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






