
धर्म डेस्क: तुलसी का पौधा केवल एक साधारण पौधा नहीं, बल्कि भारतीय घरों में श्रद्धा, आस्था और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। लगभग हर हिंदू परिवार में तुलसी का विशेष स्थान होता है। लेकिन कई बार मौसम, देखभाल की कमी या प्राकृतिक कारणों से तुलसी का पौधा पूरी तरह सूख जाता है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि पूरी तरह सूख जाए तुलसी का पौधा तो क्या करें, और क्या इसे फेंकना ठीक है या नहीं।
शास्त्रों में तुलसी से जुड़े नियम बहुत स्पष्ट बताए गए हैं। सूखी तुलसी का अपमान न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। यही कारण है कि तुलसी के विसर्जन और नए पौधे की स्थापना से जुड़े नियम जानना हर घर के लिए जरूरी हो जाता है।
पूरी तरह सूख जाए तुलसी का पौधा तो क्या करें?
जब तुलसी का पौधा पूरी तरह सूख जाए और उसमें हरियाली का कोई चिन्ह न बचे, तब उसे घर में उसी स्थान पर रखना उचित नहीं माना जाता। शास्त्रों के अनुसार सूखी तुलसी का सम्मानपूर्वक विसर्जन करना चाहिए, न कि कूड़े में फेंकना।
धार्मिक मान्यता है कि तुलसी माता साक्षात देवी स्वरूप हैं, इसलिए उनके सूखने के बाद भी उनका अपमान नहीं होना चाहिए। यही कारण है कि इसके विसर्जन के लिए कुछ निश्चित नियम बताए गए हैं।
शास्त्रों में बताए गए तुलसी विसर्जन के नियम
शास्त्रों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार सूखी तुलसी के पौधे का विसर्जन निम्न तरीके से करना शुभ माना जाता है।
सबसे पहले सूखे पौधे को जड़ सहित सावधानी से निकालें।
यदि संभव हो तो पौधे को साफ जल से धो लें।
इसके बाद इसे बहते जल में प्रवाहित करें, जैसे गंगा, नदी, नहर या साफ जलधारा।
यदि बहता जल उपलब्ध न हो, तो किसी पवित्र स्थान पर मिट्टी में दबाना भी स्वीकार्य माना गया है।
सूखी तुलसी को कभी भी घर के कूड़ेदान, सड़क या गंदे स्थान पर नहीं फेंकना चाहिए। यह धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है।
तुलसी विसर्जन के लिए सही समय क्या है?
तुलसी विसर्जन के लिए किसी विशेष मुहूर्त की अनिवार्यता नहीं होती, लेकिन सुबह के समय इसे करना अधिक शुभ माना गया है। खासकर रविवार, गुरुवार या एकादशी के दिन विसर्जन करने को अच्छा माना जाता है।
नीचे एक सरल तालिका के माध्यम से इसे समझा जा सकता है।
| विषय | शास्त्रों में मान्यता |
|---|---|
| सबसे उपयुक्त समय | सुबह का समय (सूर्योदय के बाद) |
| शुभ दिन | गुरुवार, रविवार, एकादशी |
| विसर्जन से पहले | पौधे को जड़ सहित सावधानी से निकालें |
| विसर्जन का स्थान | बहता जल (नदी/गंगा/नहर) या पवित्र मिट्टी |
| क्या न करें | कूड़े में फेंकना या जलाना |
| नई तुलसी कब लगाएं | कुछ दिन बाद, स्थान शुद्ध करके |
विसर्जन के बाद नई तुलसी कब और कैसे लगाएं?
सूखी तुलसी के विसर्जन के बाद उसी स्थान पर तुरंत नई तुलसी लगाना जरूरी नहीं होता। शास्त्रों में बताया गया है कि कुछ दिन बाद, शुद्ध मन और साफ स्थान पर नई तुलसी का पौधा लगाना शुभ फल देता है।
नई तुलसी लगाने से पहले उस स्थान की सफाई करें।
थोड़ी सी मिट्टी बदलें और उसमें गोबर खाद मिलाएं।
नई तुलसी लगाते समय जल अर्पित करें और दीप जलाना शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि नई तुलसी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सुख-समृद्धि आती है।
सूखी तुलसी को लेकर आम गलतफहमियां
कई लोग मानते हैं कि सूखी तुलसी को जल में प्रवाहित करना ही एकमात्र तरीका है, जबकि शास्त्रों में साफ मिट्टी में दबाने को भी स्वीकार किया गया है। कुछ लोग सूखी तुलसी को जला देते हैं, जो कि धार्मिक दृष्टि से सही नहीं माना जाता। तुलसी सूखने को केवल अशुभ संकेत मानना भी गलत है, यह कई बार प्राकृतिक कारणों से होता है।
पूरी तरह सूख जाए तुलसी का पौधा तो क्या करें, इसका उत्तर शास्त्रों में स्पष्ट रूप से दिया गया है। तुलसी का सम्मानपूर्वक विसर्जन करना और उसके बाद विधि-विधान से नई तुलसी लगाना ही सही तरीका माना जाता है। इससे न केवल धार्मिक मर्यादा बनी रहती है, बल्कि घर का आध्यात्मिक संतुलन भी बना रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
तुलसी का पौधा अचानक सूख जाए तो क्या यह कोई संकेत होता है?
अक्सर तुलसी का सूखना मौसम परिवर्तन, पानी की कमी या देखभाल में गलती के कारण होता है। इसे हर बार अशुभ संकेत मानना सही नहीं है।
सूखी तुलसी को घर में कितने दिन तक रखा जा सकता है?
जब पौधा पूरी तरह सूख जाए, तो उसे अधिक समय तक घर में रखना उचित नहीं माना जाता। जल्द ही सम्मानपूर्वक विसर्जन कर देना चाहिए।
क्या सूखी तुलसी को गमले से निकालकर वहीं मिट्टी में दबाया जा सकता है?
हाँ, यदि बहता जल उपलब्ध न हो तो साफ और पवित्र स्थान पर मिट्टी में दबाना शास्त्रसम्मत माना गया है।
तुलसी विसर्जन के बाद उसी जगह नई तुलसी लगाना जरूरी है क्या?
जरूरी नहीं है। कुछ दिन बाद, स्थान की सफाई कर नई तुलसी लगाना अधिक शुभ माना जाता है।
क्या तुलसी का पौधा सूखने पर कोई विशेष पूजा करनी चाहिए?
कोई विशेष पूजा अनिवार्य नहीं है। श्रद्धा भाव से विसर्जन करना ही पर्याप्त माना गया है।
नई तुलसी लगाने का सबसे अच्छा समय कौन सा होता है?
अक्सर गुरुवार या रविवार को, सुबह के समय नई तुलसी लगाना शुभ माना जाता है।






