
तिमली रेंज के तिपरपुर गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में एक हाथी मृत मिला है। मृत हाथी की उम्र करीब पांच से छह वर्ष बताई जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की गई। खेतों के आसपास हाथी के पहुंचने के रास्तों का निरीक्षण किया जा रहा है। वन विभाग बीमारी या विषाक्त पदार्थ के सेवन समेत सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के वन क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में वन्यजीवों की अचानक मौत न केवल जैव विविधता के लिए चिंता का विषय होती है, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और वन प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
घटनास्थल पर जांच
सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओ शिप्रा शर्मा और रेंजर पंकज ध्यानी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने हाथी के जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंचने के संभावित रास्तों को देखा और आसपास के क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया।
जांच के एंगल
वन विभाग के अनुसार, हाथी के बीमार होने या विषाक्त पदार्थ के सेवन की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
विशेषज्ञ टीम मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। पोस्टमार्टम और अन्य तकनीकी जांच के बाद ही हाथी की मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। हाथी की मौत से लोगों में चिंता है और वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आए।
आगे क्या होगा
वन विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या विषाक्त पदार्थ के सेवन की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।






