
टिहरी गढ़वाल: राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर जहां प्रदेशभर में रजत जयंती समारोह मनाए जा रहे हैं, वहीं टिहरी गढ़वाल के नैलचामी क्षेत्र से निराश करने वाली तस्वीर सामने आई है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को एक बीमार बुजुर्ग को डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर दूर अस्पताल तक ले जाना पड़ा, जिससे ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं का अभाव और मजबूरी साफ झलकती है।
सड़क नहीं, बुजुर्ग को कंधों पर लेकर निकले ग्रामीण
घनसाली विधानसभा के भिलंगना ब्लॉक के दूरस्थ गांव धारगांव नैलचामी में बुधवार को बुजुर्ग प्रेम सिंह पंवार की तबीयत बिगड़ गई। गांव तक सड़क न पहुंच पाने के कारण ग्रामीण मजबूर हो गए और उन्होंने बुजुर्ग को डंडी-कंडी में बैठाकर कई किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद ही उन्हें अस्पताल ले जाया जा सका।
स्थानीय ग्रामीण सुनील सिंह, सोहन सिंह, चंद्रशेखर और सूरत सिंह ने कठिन पहाड़ी रास्तों पर कंधों पर वजन उठाकर बुजुर्ग को सुरक्षित सड़क तक पहुंचाया। उनके अनुसार यह समस्या नई नहीं है — अक्सर बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इसी तरह ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों में रोष — “आजादी के बाद भी सड़क नहीं”
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी उनके गांव तक सड़क नहीं पहुंच सकी है। यह स्थिति विकास के दावों पर सवाल खड़ा करती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के अभाव में उन्हें रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्राम प्रधान की पीड़ा — कई वर्षों से इंतजार जारी
ग्राम प्रधान मधु देवी ने कहा—
“गांव के लोग 78 साल से मोटर मार्ग का इंतजार कर रहे हैं। विभागों और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की हर बैठक में सड़क निर्माण की मांग उठाई जाती है, लेकिन आश्वासन से आगे कोई कार्रवाई नहीं होती।
ग्रामीणों की मांग — जल्द बने मोटर मार्ग
स्थानीय लोगों का कहना है कि “विकास” की बात तभी सार्थक होगी जब गांवों में सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी प्राथमिक सुविधाएं पहुंचें। ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल मोटर मार्ग निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े।
धारगांव में पलायन सबसे कम — फिर भी विकास अधूरा
ग्रामीणों के मुताबिक धारगांव में 95% परिवार आज भी बसे हुए हैं, सिर्फ 5% लोग बाहर गए हैं। वे कहते हैं कि उनके गांव में कम पलायन इसलिए है क्योंकि लोग अपनी जमीन और परंपरा से जुड़े रहना चाहते हैं, लेकिन सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है।
घनसाली विधानसभा — बीजेपी विधायक शक्ति लाल शाह प्रतिनिधित्व कर रहे क्षेत्र
इस क्षेत्र से 2022 में भारतीय जनता पार्टी के शक्ति लाल शाह विधायक चुने गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों से सड़क की मांग की, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है।
क्या है डंडी-कंडी?
डंडी-कंडी पहाड़ी क्षेत्रों में पालकी का स्थानीय स्वरूप है।
- दो मजबूत डंडों के बीच बैठने लायक संरचना बांधी जाती है
- चार लोग इसे कंधों पर रखकर कठिन रास्तों से गुजरते हैं
- इसका उपयोग बीमारों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ले जाने में किया जाता है
यह काम अत्यंत कठिन होता है, खासकर उन इलाकों में जहां सड़क दूर तक नहीं पहुंची है।






