
RN Career: किसी संगठन में कर्मचारियों को फीडबैक लेने और देने के लिए प्रोत्साहित करना काफी फायदेमंद होता है। जब लोग नियमित रूप से एक-दूसरे से सुझाव मांगते हैं, तो उनमें विनम्रता बढ़ती है, डर कम होता है और खुलकर सीखने की भावना विकसित होती है।
हालांकि, ऐसी संस्कृति अपने आप नहीं बनती। इसके लिए लीडर को टीम के सदस्यों को सही ढंग से फीडबैक लेना-सिखाना, अन्य लीडर्स को उदाहरण बनाना, अच्छे व्यवहार को पुरस्कृत करना और फीडबैक को रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनाना होता है। इससे एक ऐसी कार्य संस्कृति बनती है, जहां हर कोई सहजता से सीखता और आगे बढ़ता है।
नीचे कुछ व्यावहारिक रणनीतियां दी गई हैं, जिनसे टीम में बेहतर फीडबैक और सीखने की संस्कृति विकसित की जा सकती है।
1. सवाल पूछने की कला सीखें
कुशलता से सवाल पूछना एक कला है, जिसे सीखना पड़ता है। जब टीम के सदस्य बिना मार्गदर्शन के ऐसा करने का प्रयास करते हैं, तो अक्सर उनके सवाल अस्पष्ट या अधूरे होते हैं। इससे उन्हें सही जवाब नहीं मिलता।
टीम के सदस्यों को सटीक और प्रभावी सवाल पूछने में मदद करें। उनसे पूछें:
- क्या आप बता सकते हैं कि मेरी बात लंबी तो नहीं लग रही?
- मेरे तरीके से बातचीत में कहां फायदा हुआ और कहां टकराव?
- अगर इस चीज़ को काम में लागू किया जाए, तो परिणाम कैसा होगा?
2. केवल दिशा न दिखाएं
लीडर का काम सिर्फ दिशा दिखाना नहीं होता, बल्कि वे संगठन का माहौल और संस्कृति भी तैयार करते हैं। सवाल पूछना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आप किसी जवाब पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, कौन-सी जानकारी साझा करते हैं और सुझावों पर क्या कार्रवाई करते हैं। यही तय करेगा कि आपकी सिखाने और सुधारने की संस्कृति कितनी मजबूत होगी।
3. सराहना करना सीखें
टीम का कोई सदस्य जब कोई सवाल पूछे, तो उसकी सराहना करें। इससे उन्हें सोच-समझकर और विचारशील सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। पदोन्नति या प्रोत्साहन की स्थिति में यह स्पष्ट करें कि आपने सुझाव मांगने और सवाल पूछने वाले लोगों की कद्र की है। इससे यह संदेश जाएगा कि बेहतर सवाल पूछने वाले भी आगे बढ़ सकते हैं, न कि सिर्फ अच्छे जवाब देने वाले।
4. पहले पूछने की आदत डालें
अपनी दिनचर्या में ‘पहले पूछो’ की आदत शामिल करें। उदाहरण के लिए:
- साल में दो बार प्रत्येक कर्मचारी से दो सराहनीय बातें और दो सुधार योग्य पहलू साझा करने को कहें।
इससे फीडबैक सामान्य और सहज बन जाता है, टीम के रिश्ते मजबूत होते हैं और सीखने की संस्कृति गहरी होती है।
टीमवर्क में फीडबैक एक प्रभावशाली उपकरण है। सही मार्गदर्शन, सराहना और नियमित अभ्यास से संगठन में सीखने और सुधारने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सकता है।







