
देहरादून: सोमवार सुबह भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान को तकनीकी खराबी के चलते जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। यह विमान बरेली से उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही समस्या में आ गया था। उड़ान के दौरान एक इंजन से तेल रिसाव (Oil Leakage) शुरू हो गया, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ से देहरादून एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
इंजन में आई तकनीकी खराबी
जानकारी के अनुसार, सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट ने सोमवार सुबह बरेली एयरबेस से उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी और तेल रिसाव की सूचना मिली। वायुसेना के पायलट ने तत्काल निर्णय लेते हुए निकटतम सुरक्षित स्थान — देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट — पर विमान को उतारने का निर्णय लिया।
सुरक्षित लैंडिंग के बाद तकनीकी जांच शुरू
विमान को एयरपोर्ट पर टर्मिनल से कुछ दूरी पर स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस के सामने सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया गया है। बरेली से भारतीय वायुसेना की इंजीनियरिंग टीम देहरादून पहुंच गई है और विमान की तकनीकी खामी को दूर करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
“फाइटर जेट में तकनीकी खराबी आने के बाद उसे देहरादून एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। तकनीकी टीम द्वारा जांच और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।” — भूपेश सी.एच. नेगी, निदेशक, जौलीग्रांट एयरपोर्ट
देहरादून में पहली बार तकनीकी कारण से लैंडिंग
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल 2018 में सुखोई विमानों ने देहरादून एयरपोर्ट से अभ्यास उड़ानें भरी थीं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी तकनीकी खराबी के चलते सुखोई विमान को यहां इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
वायुसेना अधिकारियों ने बताया कि विमान पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई सुरक्षा
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। सीआईएसएफ और वायुसेना कर्मियों ने रनवे क्षेत्र को अस्थायी रूप से सील कर दिया। साथ ही एयरपोर्ट का सामान्य संचालन लगभग 20 मिनट के भीतर बहाल कर दिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया —
“विमान उतरने के दौरान रनवे पर कुछ समय तक सायरन बजता रहा, लेकिन लैंडिंग पूरी तरह नियंत्रित थी। पायलट ने अत्यंत कुशलता दिखाई।”







