
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग के एक और सदस्य को गिरफ्तार कर जमीनों पर अवैध कब्जे से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपी पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी में जाली आधार कार्ड लगाकर झूठी गवाही देने का आरोप है। इस मामले में एसटीएफ अब तक प्रवीण वाल्मीकि के करीबी मनीष बालर सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रकरण की जांच लगातार जारी है और अन्य कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
एसटीएफ को गोपनीय सूचना और प्रार्थनापत्र मिलने के बाद वाल्मीकि गैंग के खिलाफ जांच शुरू की गई थी। जांच के आधार पर 27 अगस्त 2025 को थाना गंगनहर में कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि, उसके भतीजे मनीष बालर और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने विवेचना एसटीएफ को सौंपी थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि जांच के दौरान वाल्मीकि गैंग के सदस्यों की भूमिकाएं सामने आईं। शुरुआती कार्रवाई में मनीष बालर और पंकज अष्टवाल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद फर्जी रेखा बनकर जमीन बेचने में शामिल महिला समेत अन्य आरोपियों की पहचान हुई और उन्हें भी जेल भेजा गया।
हालिया कार्रवाई में विजय कुमार निवासी गंगनहर, रुड़की (हरिद्वार) को गिरफ्तार किया गया है, जिसने रुपये के लालच में फर्जी आधार कार्ड और अपनी फोटो लगाकर झूठी गवाही दी थी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनों पर कब्जे और धमकी के कारण वर्षों तक पीड़ित परिवार भय के साए में रहा और शिकायत तक दर्ज नहीं करा सका। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ा है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
एसटीएफ के अनुसार, रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा निवासी श्याम बिहारी की 2014 में मृत्यु के बाद उनकी करोड़ों की जमीन पर कब्जे की साजिश रची गई। 2018 में जमीन की देखरेख कर रहे भाई कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद परिवार को धमकाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन आगे बेच दी गई। गैंग के भय से पीड़ित परिवार भूमिगत हो गया था।
आगे क्या होगा
एसटीएफ का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त, फर्जी दस्तावेज और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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