
ऋषिकेश: श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चल रहा तीन दिवसीय अनशन बुधवार को समाप्त हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र नेताओं ने मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर अनशन शुरू किया था। कुलपति द्वारा समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने और लिखित पत्र सौंपे जाने के बाद छात्र नेताओं ने अनशन समाप्त करने पर सहमति जताई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
विश्वविद्यालय परिसर में शौचालय, पेयजल, सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर लंबे समय से छात्र असंतोष जता रहे थे। छात्रों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार मांगें रखी गईं, लेकिन समाधान समय पर नहीं हो पाया। इसी के चलते छात्र नेताओं ने अनशन का रास्ता अपनाया।
अनशन और छात्रों की मांगें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रसंघ अध्यक्ष मयंक भट्ट और यूआर रोहित राम ने तीसरे दिन भी अनशन जारी रखा। छात्र नेताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन आंदोलन के समय आश्वासन देता है, लेकिन बाद में समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। उन्होंने परिसर में शौचालय, स्वच्छ पेयजल और नियमित सफाई व्यवस्था की कमी पर नाराजगी जताई।
आधिकारिक जानकारी
कुलपति प्रो. एनके जोशी अनशन स्थल पर पहुंचे और छात्र नेताओं से वार्ता की। उन्होंने समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद कुलसचिव दिनेश चंद्रा की ओर से लिखित पत्र सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि विश्वविद्यालय परिसर में सप्ताह में नियमित रूप से समस्याओं की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार अधिकारियों द्वारा समाधान किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
छात्रों का कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने से उन्हें उम्मीद जगी है कि इस बार समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में फिर लापरवाही हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
आगे क्या होगा
लिखित आश्वासन के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन अब नियमित रूप से छात्रों की समस्याओं की निगरानी करेगा और समयबद्ध समाधान करेगा। छात्रों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में घोषणाओं को धरातल पर कैसे उतारा जाता है।







