
देहरादून: परिवार समेत लापता बिल्डर शाश्वत गर्ग की रायपुर-थानो रोड स्थित इंपीरियल वैली परियोजना में अब किसी भी प्रकार की जमीन की खरीद-फरोख्त पर रेरा ने रोक लगा दी है। यह कदम निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। बिल्डर के लापता होने के बाद निवेशकों में दहशत फैल गई थी, जिसके बाद रेरा ने त्वरित संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की।
निवेशकों की शिकायत पर रेरा की कार्रवाई
बिल्डर शाश्वत गर्ग के 17 अक्टूबर से परिवार समेत लापता होने के बाद निवेशक कमल गर्ग ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने इंपीरियल वैली परियोजना में करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया है और आशंका जताई कि बिल्डर के लापता होने के बाद पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से प्लॉट बिक्री की जा सकती है।
शिकायत के बाद रेरा के प्रभारी अध्यक्ष अमिताभ मैत्रा ने आदेश जारी करते हुए इंपीरियल वैली में किसी भी प्रकार के लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
“निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है।” — अमिताभ मैत्रा, प्रभारी अध्यक्ष, रेरा
बिल्डर का परिवार रहस्यमयी तरीके से लापता
सहस्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क निवासी बिल्डर शाश्वत गर्ग 17 अक्टूबर से अपनी पत्नी साक्षी गर्ग, पिता प्रवीन गर्ग, माता अंजली गर्ग और बेटे रिद्वान गर्ग के साथ लापता हैं। शाश्वत के साले सुलभ गोयल ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दर्ज कराई थी।
तहरीर के मुताबिक, शाश्वत 16 अक्टूबर की रात परिवार सहित हापुड़ पहुंचे थे और अगले दिन दोपहर देहरादून के लिए रवाना हुए, लेकिन वहां नहीं पहुंचे। तब से सभी के मोबाइल फोन बंद हैं और परिवार का कोई सुराग नहीं मिला है।
हरिद्वार पार्किंग से कार मिलने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, शाश्वत गर्ग परिवार दो कारों — हुंडई क्रेटा (UK07-FK-0018) और हुंडई ट्यूसॉन (UK07-FL-9369) में यात्रा कर रहा था। इनमें से एक कार हरिद्वार की एक पार्किंग से बरामद की गई है। खबर है कि कार से कुछ पन्नों का संदिग्ध नोट भी मिला है, जिसमें कुछ लोगों पर उत्पीड़न के आरोप हैं। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
विदेश भागने की आशंका और मित्तल केस से समानता
निवेशकों के बीच यह भी चर्चा है कि गर्ग परिवार ने देश छोड़कर केन्या जाने की योजना बनाई हो सकती है। यह मामला देहरादून के ही पुष्पांजलि इंफ्राटेक के निदेशक दीपक मित्तल और राखी मित्तल की तरह बताया जा रहा है, जो 90 खरीदारों से 45 करोड़ रुपये हड़पने के बाद 2020 से फरार हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि अगर गर्ग परिवार ने विदेश रुख किया है तो यह भी मित्तल दंपती की तर्ज पर एक नया रियल एस्टेट घोटाला साबित हो सकता है।
एसओजी और पुलिस की खोज जारी
एसएसपी देहरादून अजय सिंह के अनुसार,
“स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) लापता गर्ग परिवार की तलाश कर रही है। हापुड़ पुलिस के साथ संयुक्त जांच जारी है।”
प्रारंभिक जांच में रेरा ने भी परियोजना से संबंधित निवेश रिकॉर्ड और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।






