
ज्योतिर्मठ स्थित विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा केंद्र औली के संरक्षण और व्यवस्थित विकास की मांग को लेकर चल रही ‘सेव औली’ मुहिम के तहत आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए धरनास्थल पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती पहुंचे, जिनके माध्यम से सांसद अनिल बलूनी और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट से फोन पर वार्ता हुई। आंदोलनकारियों ने औली में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर जवाबदेही तय करने और ठोस कार्ययोजना लागू करने की मांग दोहराई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
औली देश के प्रमुख शीतकालीन पर्यटन और स्कीइंग स्थलों में शामिल है। बीते वर्षों में बुनियादी ढांचे, स्नो-मेकिंग सिस्टम और यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर स्थानीय लोग और पर्यावरण से जुड़े समूह चिंता जताते रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर ‘सेव औली’ अभियान शुरू किया गया, जो अब आंदोलन का रूप ले चुका है।
आधिकारिक जानकारी
धरनास्थल पर हुई वार्ता के दौरान सांसद अनिल बलूनी ने फरवरी माह में ज्योतिर्मठ पहुंचकर औली के विकास की कार्ययोजना पर चर्चा करने और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। वहीं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस विषय पर पर्यटन मंत्री और पर्यटन सचिव से वार्ता करने की बात कही, ताकि प्रशासनिक स्तर पर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
आंदोलनकारी विवेक पंवार ने जिला पर्यटन अधिकारी के समक्ष गुलमर्ग की तर्ज पर औली डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन की मांग रखी। उनका कहना है कि अथॉरिटी बनने से स्नो-मेकिंग सिस्टम, आइस स्केटिंग रिंग और यातायात व्यवस्था का सुव्यवस्थित संचालन संभव होगा, जिससे औली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा।
मैदानी निरीक्षण और सहमति
वार्ता के बाद पर्यटन विभाग और जीएमवीएन की संयुक्त टीम ने आइस स्केटिंग रिंग का निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर मौजूद कमियों को दूर करने पर सहमति जताई। हालांकि आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक पूर्व की अव्यवस्थाओं पर जवाबदेही तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
आगे क्या होगा
आंदोलनकारियों के अनुसार फरवरी में सांसद के प्रस्तावित दौरे के दौरान विकास कार्ययोजना और जवाबदेही के मुद्दे पर ठोस निर्णय की अपेक्षा है। प्रशासनिक स्तर पर हुई बातचीत के बाद भी धरना जारी रहने से संकेत है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, ‘सेव औली’ मुहिम आगे बढ़ती रहेगी।







