
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खटीमा–टनकपुर के सालभोजी क्षेत्र में वन, रेलवे और रेवेन्यू विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए तीनों विभागों को एक सप्ताह के भीतर संयुक्त कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि जांच के बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जाए और कार्रवाई की रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर कोर्ट में प्रस्तुत की जाए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सालभोजी निवासी शुभम अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना था कि विभागों की कार्रवाई धीमी है, जिससे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं।
कोर्ट में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान वेस्टर्न सर्किल के वन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। उन्होंने बताया कि कुल 22 लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था, जिनमें से लगभग सभी को हटाया जा चुका है। केवल एक अतिक्रमण शेष है, जो आबादी क्षेत्र में स्थित है और संलग्न भूमि रेलवे तथा राजस्व विभाग की है।
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तीनों विभाग संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करें, नोटिस जारी करें और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सालभोजी के निवासियों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में कई समस्याएँ होती हैं। स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट के निर्देशों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सरकारी भूमि की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
आगे की दिशा
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब वन, रेलवे और राजस्व विभाग के उच्च अधिकारी संयुक्त कमेटी बनाएंगे। जांच शुरू होने के साथ ही अंतिम अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।





