
साहिया: जौनसार-बावर क्षेत्र के साहिया अंतर्गत सिलगांव खत के गांवों में समाज सुधार की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। रविवार को सदर स्याणा तुलसी राम शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विवाह समारोहों और सामाजिक आयोजनों को लेकर नए नियम सर्वसम्मति से लागू किए गए। तय किया गया कि खत का कोई भी व्यक्ति विकासनगर या अन्य स्थानों के वेडिंग प्वाइंट में शादी का आयोजन नहीं करेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। ये नियम जून 2026 से प्रभावी होंगे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जौनसार-बावर क्षेत्र में खत पंचायत की परंपरा के तहत सामाजिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं। हाल के वर्षों में बढ़ते खर्च, दिखावे और बाहरी प्रभावों को देखते हुए ग्रामीणों ने विवाह और आयोजनों को सरल, परंपरागत और समाजहित में रखने पर जोर दिया है।
आधिकारिक जानकारी
बैठक में तय किया गया कि खत का कोई भी परिवार विकासनगर या अन्य स्थानों पर स्थित वेडिंग प्वाइंट में विवाह समारोह आयोजित नहीं करेगा। यदि कोई परिवार नियम तोड़ता है तो उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके अलावा, यदि वेडिंग प्वाइंट में शादी करने के बाद गांव में पार्टी दी जाती है तो उसमें केवल उसी परिवार के सदस्य शामिल होंगे, गांव के अन्य लोग भाग नहीं लेंगे।
विवाह और भोज से जुड़े नियम
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी परिवार के साथ गांव के लोग नियम उल्लंघन में शामिल पाए गए, तो गांव से 50 हजार रुपये का दंड वसूला जाएगा।
शादी-विवाह, बिस्सू मेला और खत के सामूहिक त्योहारों में महिलाओं द्वारा केवल सीमित पारंपरिक आभूषण पहनने की अनुमति होगी। डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और केवल माइक व पहाड़ी बैंड-बाजे की अनुमति दी गई है।
दहेज और खानपान पर प्रतिबंध
दहेज में केवल पांच वस्तुएं देने का निर्णय लिया गया है, जिनमें बंठा, परात, कटोरा और संदूक शामिल हैं। विवाह समारोह में फास्ट फूड जैसे मोमो, चाउमीन, टिक्की, गोलगप्पे और फल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। भोजन के बाद केवल रसगुल्ला या जलेबी ही परोसी जाएगी। बीयर पर पूरी तरह रोक रहेगी और शराब के साथ सीमित पारंपरिक चखने की व्यवस्था ही होगी।
सामाजिक आचरण से जुड़े निर्णय
रइणी भोज में महिलाओं को हिस्सा नहीं दिया जाएगा। भोज में शामिल महिलाओं को भोजन के बाद आधा किलो मिठाई का डिब्बा दिया जाएगा। टीके के रूप में किसी प्रकार की धनराशि देने पर भी रोक लगाई गई है। दुखद घटना की स्थिति में महिलाओं का किसी भी सगे संबंधी या रिश्तेदार के घर जाना भी प्रतिबंधित रहेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
खतवासियों का कहना है कि इन नियमों से सामाजिक समरसता बनी रहेगी और अनावश्यक खर्च व दिखावे पर रोक लगेगी। ग्रामीणों ने इसे परंपराओं को बचाने और समाज को सही दिशा देने वाला निर्णय बताया।
आगे क्या होगा
तय किया गया है कि ये सभी नियम जून 2026 से लागू होंगे। खत पंचायत द्वारा इनके पालन पर निगरानी रखी जाएगी और उल्लंघन की स्थिति में तय दंड सख्ती से वसूला जाएगा।







