
रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि विकासखंड की दूरस्थ ग्राम पंचायत क्यूडी दशज्यूला ने नशा मुक्त समाज की दिशा में एक अहम और ऐतिहासिक कदम उठाया है। पंचायत की सार्वजनिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब गांव में किसी भी प्रकार की शराब का सेवन, बिक्री और शादी–विवाह सहित सभी सामाजिक आयोजनों में मदिरा परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस फैसले का उद्देश्य गांव में शांति, सामाजिक समरसता और पारिवारिक सौहार्द को मजबूत करना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभाव लंबे समय से पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा और सामाजिक तनाव का कारण बनते रहे हैं। क्यूडी दशज्यूला के ग्रामीणों ने इन समस्याओं को देखते हुए सामूहिक रूप से नशा मुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया।
आधिकारिक जानकारी
पंचायत बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति इस निर्णय का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर 21 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर सामाजिक बहिष्कार जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान चंदा देवी ने कहा, “शराब के कारण गांव में कई बार पारिवारिक कलह और विवाद की स्थिति बनती थी। यह निर्णय महिलाओं और बच्चों के हित में लिया गया है। हमें विश्वास है कि इससे गांव का माहौल बेहतर होगा।”
ग्रामीण पूनम देवी का कहना है कि शराबबंदी से युवाओं को सही दिशा मिलेगी और वे नशे से दूर रहकर शिक्षा व रोजगार की ओर ध्यान देंगे। उन्होंने इसे गांव की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन
सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण रावत ने पंचायत के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि शराबबंदी से घरेलू हिंसा और आपसी झगड़ों में कमी आएगी। उनका मानना है कि नशा न मिलने पर लोग सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की ओर बढ़ेंगे।
महिला मंगल दल की भूमिका
महिला मंगल दल की अध्यक्ष कमला देवी ने कहा कि यह निर्णय गांव की महिलाओं के लिए राहत लेकर आया है और इसकी सफलता सभी के सहयोग पर निर्भर करेगी।
आगे क्या होगा
पंचायत प्रतिनिधियों ने सभी ग्रामीणों से नियमों का पालन करने और क्यूडी दशज्यूला को पूर्ण रूप से नशा मुक्त गांव बनाने में सहयोग की अपील की है। आने वाले समय में पंचायत स्तर पर निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियां भी चलाने की योजना है।






